
वर्दी का नाम, कानून की पहचान और भरोसे की आड़… जब इन्हीं प्रतीकों का इस्तेमाल अपराध के लिए होने लगे, तो समाज के लिए यह गंभीर चेतावनी बन जाती है। एक युवक ने खुद को CBI अधिकारी बताकर विश्वास का ऐसा जाल बुना, जिसमें एक मासूम किशोरी फंस गई। यह घटना न सिर्फ एक परिवार के भरोसे को तोड़ती है, बल्कि समाज को सतर्क रहने का कड़ा संदेश भी देती है कि पहचान और अधिकार का दावा करने वाले हर व्यक्ति पर आंख बंद कर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है।
दक्षिण 24 परगना (पश्चिम बंगाल): फर्जी Central Bureau of Investigation (CBI) सब-इंस्पेक्टर बनकर एक किशोरी को प्रेम जाल में फंसाने, अपहरण करने और दुष्कर्म करने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान कुणाल कश्यप दास के रूप में हुई है, जो कोलकाता के बालीगंज इलाके का निवासी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी कुछ समय से बारुईपुर के मल्लिकपुर इलाके में किराए के मकान में रह रहा था। इसी दौरान उसने इलाके की एक किशोरी से संपर्क किया और खुद को CBI सब-इंस्पेक्टर बताकर उसे अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। बाद में वह किशोरी को बहला-फुसलाकर ठाकुरपुकुर स्थित एक किराए के मकान में ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी इसी तरह कई अन्य युवतियों को भी अपने झांसे में लेकर उनसे शारीरिक संबंध बनाता था। घटना के बाद 22 जनवरी को पीड़िता के परिजनों ने बारुईपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से एक नकली CBI पहचान पत्र, वोटर कार्ड और अन्य संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई और उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस अपराध में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।
यह घटना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि किसी भी व्यक्ति की पहचान और पद का सत्यापन किए बिना उस पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। विशेषकर युवाओं और अभिभावकों को सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना पुलिस को देने की आवश्यकता है।
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