
टंडवा (चतरा)। विस्थापित-प्रभावित हायवा एसोसिएशन के बैनर तले शुक्रवार को टंडवा प्रखंड के सेरनदाग स्थित फुटबॉल मैदान में वाहन मालिकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आम्रपाली परियोजना से एनटीपीसी तक कोयला ढुलाई को लेकर चल रहे विवाद पर व्यापक चर्चा हुई। इस दौरान वाहन मालिकों ने आरोप लगाया कि आम्रपाली परियोजना से एनटीपीसी तक जाने वाले कोयले की लोडिंग डंप के बजाय सीधे खदान से करने के लिए प्रबंधन द्वारा बाध्य किया जा रहा है। विरोध करने पर वाहनों को चिन्हित कर ब्लैकलिस्ट करने की धमकी दी जा रही है, जिसे वाहन मालिकों ने अनैतिक और दमनकारी करार दिया। आक्रोशित वाहन मालिकों ने निर्णय लिया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक एनटीपीसी के लिए कोल ढुलाई का सीधा बहिष्कार जारी रहेगा। बैठक में पीएनएम और ओएसएल के ट्रांसपोर्टरों से पूर्व में बनी सहमति के अनुरूप 200 रुपये प्रति टन भाड़ा देने की मांग की गई। साथ ही कई ट्रांसपोर्टरों एवं लिफ्टरों पर ढुलाई भाड़ा रोक कर रखने के गंभीर आरोप लगाए गए। बताया गया कि बकाया रखने वालों में प्रमुख रूप से मोहन साव (पीएनएम), शुभम सिंह, मोनू सिंह और सुरेश यादव शामिल हैं, जिन पर कुल मिलाकर एक करोड़ रुपये से अधिक बकाया होने का दावा किया गया। बैठक में यह भी सहमति बनी कि बड़े आंदोलन से पहले चट्टी-बारियातु, केडी, मगध, एनटीपीसी और आम्रपालीकृइन पांचों एसोसिएशनों की संयुक्त बैठक पांडे मोड़ में आयोजित की जाएगी, जहां आगे की वृहद रणनीति तय की जाएगी। कुल मिलाकर एक ओर जहां एनटीपीसी के लिए कोयला आपूर्ति में बाधा की आशंका बढ़ गई है, वहीं दूसरी ओर वाहन मालिकों ने संकेत दे दिया है कि दबाव या भाड़ा रोकने की नीति अब ज्यादा दिन नहीं चलेगी।





















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