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बीए के बाद पीजी में भी वरिष्ठा सहाय ने रचा इतिहास, लगातार दूसरी बार बनीं विश्वविद्यालय टॉपर

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बीए और पीजी दोनों में हासिल किया विश्वविद्यालय में सर्वोच्च स्थान, राज्यपाल के हाथों गोल्ड मेडल पाकर बढ़ाया हजारीबाग का गौरव

हजारीबाग। मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर हजारीबाग की बेटी वरिष्ठा सहाय ने शैक्षणिक जगत में सफलता की नई मिसाल कायम की है। विनोबा भावे विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर (पीजी) इतिहास विभाग की छात्रा वरिष्ठा सहाय ने सत्र 2024-26 में विश्वविद्यालय स्तर पर सर्वाधिक अंक प्राप्त कर टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है। उनकी इस शानदार उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में उन्हें स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। झारखंड के राज्यपाल सह विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने उन्हें अपने हाथों से गोल्ड मेडल प्रदान किया।

वरिष्ठा सहाय की उपलब्धि इसलिए भी विशेष है, क्योंकि उन्होंने लगातार दूसरी बार विश्वविद्यालय स्तर पर सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। इससे पहले उन्होंने हजारीबाग के संत कोलंबा महाविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी। बीए में भी वह विनोबा भावे विश्वविद्यालय की टॉपर रही थीं। अब पीजी इतिहास में भी विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त कर उन्होंने अपनी प्रतिभा और मेहनत का लोहा मनवाया है। स्नातक से लेकर स्नातकोत्तर तक लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उन्होंने अपनी सफलता का नया अध्याय लिखा है।

शिक्षक दंपती की बेटी ने बढ़ाया परिवार और जिले का मान

वरिष्ठा सहाय हजारीबाग के हीराबाग चौक की निवासी हैं। उनके माता-पिता दोनों शिक्षक हैं। वहीं, उनके दादा वरिष्ठ चिकित्सक रह चुके हैं और सदर अस्पताल में सिविल सर्जन के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। शिक्षा और चिकित्सा सेवा से जुड़े परिवार की इस बेटी ने अपनी उपलब्धि से परिवार के साथ पूरे जिले को गौरवान्वित किया है।

शिक्षा के माध्यम से समाज में बदलाव लाने का सपना

वरिष्ठा सहाय का लक्ष्य शिक्षा के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाना और सामाजिक विकास में योगदान देना है। वह झारखंड सहित पूरे देश के उत्थान में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाना चाहती हैं। उनका मानना है कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम है और शिक्षित एवं जागरूक समाज के निर्माण से ही देश विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकता है। उनकी इस उल्लेखनीय सफलता पर परिवारजनों, शिक्षकों, मित्रों और शुभचिंतकों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। वरिष्ठा सहाय की यह उपलब्धि न केवल हजारीबाग के लिए गर्व का विषय है, बल्कि क्षेत्र की उन छात्राओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है, जो मेहनत और लगन के बल पर सफलता की ऊंचाइयों को छूने का सपना देखती हैं।

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