डोभा निर्माण में मजदूरों की डिमांड रोकने का आरोप, सचिव ने किया इनकार, BDO बोले- ‘सीधे मुझसे करें शिकायत
📍 कुंदा (चतरा) | न्यूज़ स्केल लाइव
झारखंड के चतरा जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजनाओं में भ्रष्टाचार और घूसखोरी थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला कुंदा प्रखंड क्षेत्र के बौधाडीह पंचायत अंतर्गत डोकवा गांव से सामने आया है। यहां एक लाभुक ने पंचायत सचिव पर डोभा निर्माण कार्य में मजदूरों का डिमांड (Labour Demand) फॉर्म आगे बढ़ाने के एवज में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) के नाम पर खुलेआम घूस मांगने का गंभीर आरोप लगाया है।
BDO के हस्ताक्षर के नाम पर मांगी गई घूस! डोकवा गांव निवासी लाभुक चंद्रशेखर कुमार यादव ने बताया कि उनके खेत में मनरेगा के तहत ‘डोभा निर्माण’ की योजना स्वीकृत हुई है। काम शुरू कराने के लिए उन्होंने बीते 8 मई को मजदूरों की डिमांड के लिए पंचायत सचिव मुरली राम को फॉर्म भरकर दिया था। लाभुक का आरोप है कि फॉर्म जमा करने के बाद पंचायत सचिव ने कहा कि BDO साहब के हस्ताक्षर के लिए एक हजार रुपये देने होंगे। जब लाभुक ने नकद राशि नहीं होने की बात कही, तो पंचायत सचिव ने ‘अंकित’ नाम के एक व्यक्ति के फोन-पे (PhonePe) नंबर पर सात सौ (700) रुपये ट्रांसफर करवा लिए। लाभुक का कहना है कि बाकी बचे 300 रुपये नहीं देने के कारण पंचायत सचिव ने मजदूरों का डिमांड नहीं किया और काम अटका दिया। इस घटना के बाद अब यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या पंचायत सचिव वास्तव में BDO के नाम पर पैसे वसूल रहे थे या फिर वे अपने ही लिए अधिकारियों के नाम का दुरुपयोग कर ‘घूस’ का खेल खेल रहे हैं?
पंचायत सचिव ने आरोपों को बताया निराधार जब इस गंभीर आरोप को लेकर पंचायत सचिव मुरली राम से बात की गई, तो उन्होंने घूस मांगने की बात से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने अपने बचाव में कहा कि आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। लाभुक द्वारा डिमांड फॉर्म दिया गया था और नियमानुसार मजदूरों का डिमांड भी कर दिया गया है।
‘शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई’- BDO इस पूरे मामले पर कुंदा के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) साकेत सिन्हा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि फिलहाल उनके पास इस संबंध में कोई भी लिखित या मौखिक शिकायत नहीं आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी लाभुक को योजना या कर्मियों से संबंधित कोई परेशानी होती है या कोई पैसे की मांग करता है, तो वे बिना डरे सीधे उनसे मिलकर शिकायत कर सकते हैं। शिकायत मिलने पर मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।























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