मच्छरों से बचाव, जल जमाव रोकने और मच्छरदानी के उपयोग पर दिया जोर, बुखार या ठंड लगने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपील
सिमरिया (चतरा), न्यूज स्केल: ‘विश्व मलेरिया दिवस’ (World Malaria Day) की पूर्व संध्या पर चतरा जिले के सिमरिया रेफरल अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड में नजर आया। इस अवसर पर चिकित्सा प्रभारी डॉ. बीएन प्रसाद की अध्यक्षता में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव, उसकी रोकथाम और समय पर उपचार के लिए ठोस रणनीति तैयार करना था।
बैठक को संबोधित करते हुए चिकित्सा प्रभारी डॉ. प्रसाद ने उपस्थित सभी स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया कि मलेरिया एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जिससे बचाव के लिए ग्रामीण स्तर पर जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी कर्मियों को अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में जाकर लोगों को मच्छरों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने का टास्क सौंपा।
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आमजनों से यह अपील करने को कहा गया है कि: घरों के आसपास, नालियों या खाली बर्तनों में जल जमाव न होने दें। सोते समय नियमित रूप से मच्छरदानी (Mosquito Net) का उपयोग करें। घर और आसपास के वातावरण में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें।
डॉ. प्रसाद ने मलेरिया के शुरुआती लक्षणों की जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसी व्यक्ति को अचानक तेज बुखार, ठंड लगना, सिर दर्द या उल्टी जैसे लक्षण महसूस हों, तो वह बिना कोई देरी किए तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि झोलाछाप डॉक्टरों से बचने और समय पर सही जांच व उपचार कराने से मलेरिया को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। बैठक के अंत में चिकित्सा प्रभारी ने स्वास्थ्य कर्मियों को कड़े निर्देश दिए कि वे क्षेत्र में मलेरिया की जांच (Testing) और आवश्यक दवाओं के वितरण को लेकर पूरी तरह से सतर्क रहें। साथ ही, किसी भी गांव या पंचायत में मलेरिया का कोई भी संदिग्ध मामला सामने आने पर बिना देर किए उसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते महामारी को फैलने से रोका जा सके।


















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