Home बिहार झारखंड देश-विदेश मनोरंजन खेल क्राइम शिक्षा राजनीति हेल्थ राशिफल
---Advertisement---

पुंडरा में बह रही भक्ति की अविरल धारा: श्रीमद् भागवत कथा में ध्रुव तपस्या के प्रसंग से भावविभोर हुए श्रद्धालु!

On: April 25, 2026 3:25 AM
Follow Us:
---Advertisement---
WhatsApp Group Join Now

कथा व्यास ने सृष्टि रचना और वैराग्य के मर्म को समझाया, 28 अप्रैल को पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ होगा दिव्य महायज्ञ का समापन

सिमरिया (चतरा), न्यूज स्केल: झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पुंडरा में इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। यहां आयोजित ‘श्रीमद् भागवत कथा महायज्ञ’ पूरे क्षेत्र में सनातन धर्म की गौरवशाली परंपरा और आध्यात्मिक चेतना जागृत करने का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। कलश यात्रा, विधिवत मंडप पूजन और हरिनाम संकीर्तन के साथ शुरू हुए इस अनुष्ठान से पूरे इलाके में भक्ति की अलख जल उठी है। महायज्ञ के तीसरे दिन कथा व्यास (भागवत भ्रमर) मृत्युंजय मिश्र जी ने अपने मुखारविंद से संगीतमय कथा का रसपान कराया। उन्होंने ब्रह्मा जी के जन्म, सृष्टि की रचना, भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य के महत्व पर विस्तृत व्याख्या की। इसके साथ ही जब उन्होंने बालक ध्रुव के अपमान, उनकी कठोर तपस्या और भगवान से साक्षात्कार का प्रेरणादायक प्रसंग सुनाया, तो पंडाल में मौजूद सैकड़ों श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा वातावरण कृष्ण के जयकारों व भक्तिरस से सराबोर हो गया।

Also Read: गोवा में भक्ति का सैलाब: सात दिवसीय ‘सतचंडी महायज्ञ’ का भव्य समापन

कथा वाचन के दौरान विद्वान पंडितों ने बताया कि सनातन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण मात्र से व्यक्ति के जीवन के पापों का नाश होता है। इससे मन को असीम शांति मिलती है और शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह पावन कथा मानव को सत्य, धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है, इसीलिए इसे ‘मोक्षदायिनी’ माना गया है। यह आयोजन 21 अप्रैल से शुरू हुआ है और 27 अप्रैल तक प्रतिदिन जारी रहेगा। दिन में कथा परायण और संध्या 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। 28 अप्रैल 2026 को पूर्णाहुति, हवन और एक विशाल भंडारे (महाप्रसाद) के साथ इस दिव्य महायज्ञ का विधिवत समापन होगा।

इस पुनीत आयोजन के मुख्य यजमान अंजना देवी एवं परमानंद शर्मा हैं। कथा वाचन का मुख्य दायित्व विद्वान कथावाचक पंडित अनुज पाठक तथा कथा व्यास मृत्युंजय मिश्र निभा रहे हैं। यह पूरा आयोजन गिरिजानंद पंडित परिवार के सौजन्य से संपन्न हो रहा है, जिसे लेकर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर में ‘अभिनंदन समारोह’: तिलक लगाकर हुआ नए भैया-बहनों का भव्य स्वागत

गोवा में भक्ति का सैलाब: सात दिवसीय ‘सतचंडी महायज्ञ’ का भव्य समापन, ‘जय माता दी’ के जयघोष से गुंजायमान हुआ क्षेत्र!

रेफरल अस्पताल में विश्व मलेरिया दिवस पर अलर्ट: डॉ. प्रसाद ने स्वास्थ्य कर्मियों को दिया जागरूकता का मंत्र

DC का ऑन द स्पॉट एक्शन: जनता दरबार में गुहार लगाने पहुंची विधवा महिला, मिनटों में शुरू कराई गई पेंशन!

जल संकट दूर करने ग्राउंड पर उतरे DC: चिलचिलाती धूप में 1 किमी पैदल चलकर पहुंचे भुइयां टोला, शुरू हुआ पेयजल पखवाड़ा

शोक की लहर: पत्रकार की माता का निधन, मुहाने नदी घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

हमारी सरकार रांची से नहीं, गांवों से चलती है: मुखिया सम्मेलन में CM का बड़ा बयान, पंचायत प्रतिनिधियों को बांटे करोड़ों के पुरस्कार!

*उपायुक्त के हाथों आज जिले के अधिकारयों एवं कर्मियों के बीच आईडी कार्ड का किया गया वितरण, अब सभी अधिकारयों एवं कर्मियों को आईडी कार्ड पहन कर रखना होगा अनिवार्य*

उपायुक्त ने की कृषि व संबद्ध विभागों की बैठक, दिए निर्देश*

उपायुक्त ने की समाज कल्याण, एवं सामाजिक सुरक्षा की बैठक, दिए निर्देश*

*जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर उपायुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित

*अवैध खनन पर सख्ती: बिना चालान वाहन पकड़े जाने पर ₹50,000 से ₹5 लाख तक जुर्माना, उपायुक्त ने दिए कड़े निर्देश*

Leave a Comment