सीएम ने दिया ग्रामीण सशक्तिकरण का मंत्र, कहा- बंजर खेतों में लगाएं सोलर प्लांट, सरकार खरीदेगी बिजली, अब गांवों में ही होंगे आधार (UID) से जुड़े काम
रांची (झारखंड), न्यूज स्केल डेस्क: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया है कि राज्य के विकास का रास्ता गांवों की पगडंडियों से होकर ही गुजरता है। उन्होंने कहा, “गांव राज्य की जड़ हैं, जब जड़ मजबूत होगी तभी पेड़ मजबूत होगा। हमारी सरकार राजधानी रांची या हेडक्वार्टर से नहीं, बल्कि गांवों से चलने वाली सरकार है।” मुख्यमंत्री गुरुवार को रांची के खेलगांव स्थित हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम में आयोजित “मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह-सह-मुखिया सम्मेलन 2026 (दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल)” को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने राज्य के समग्र विकास में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को अहम बताया और उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को करोड़ों रुपये की प्रोत्साहन राशि से सम्मानित किया।
सीएम हेमंत सोरेन के संबोधन की प्रमुख घोषणाएं और अहम बातें:
1. नवाचार और बेहतर काम के लिए मिला ‘प्रोत्साहन पुरस्कार’ मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना’ केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि ग्रामीण सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की एक परिवर्तनकारी पहल है। अच्छे कार्यों को सम्मानित करने से एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा होती है, जिससे विकास की गति तेज होती है। पंचायत और प्रशासनिक ढांचे के समन्वय से ही योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।
2. अब सीएससी (CSC) पर ही होंगे आधार (UID) से जुड़े काम ग्रामीणों को एक बड़ी राहत देते हुए सीएम ने घोषणा की कि पंचायत स्तर पर ही विभिन्न सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। सरकार ने UIDAI के साथ एमओयू (MoU) किया है, जिससे अब ग्रामीणों को आधार से जुड़े कार्यों के लिए दूर-दराज नहीं भटकना पड़ेगा। गांव के ही कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) में यह सुविधा उपलब्ध होगी।
3. बंजर खेतों में लगाएं सोलर प्लांट, आत्मनिर्भर बनेंगे ग्रामीण मुख्यमंत्री ने किसानों और ग्रामीणों की आय बढ़ाने का एक नया विजन पेश किया। उन्होंने कहा कि वैसी भूमि जहां खेती कम अवधि के लिए होती है या जो खेत बंजर रह जाते हैं, वहां ग्राम सभा के माध्यम से सोलर पावर प्लांट लगाए जाएं। यहां उत्पादित बिजली सरकार खुद खरीदेगी, जिससे ग्रामीण आर्थिक रूप से समृद्ध और आत्मनिर्भर बनेंगे। साथ ही, संताल परगना की तर्ज पर पूरे राज्य में लिफ्ट इरिगेशन (Lift Irrigation) जैसी सिंचाई योजनाओं का विस्तार किया जाएगा।
4. जल संकट से निपटने के लिए सोक पिट और तालाबों का गहरीकरण गर्मी के मौसम में गहराते जल संकट पर चिंता जताते हुए सीएम ने पंचायत प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे जल संरक्षण को प्राथमिकता दें। पुराने तालाबों की सफाई और गहरीकरण का कार्य युद्धस्तर पर किया जाए। साथ ही, चापाकलों के पास सोक पिट (Soak Pit) का निर्माण कराया जाए ताकि भूजल स्तर बना रहे। इसके लिए विभाग द्वारा लोगों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
5. “भूख से नहीं हुई किसी की मौत” मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की संवेदनशीलता का जिक्र करते हुए कहा कि बीते वर्षों में राज्य में भूख से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु न होना इस बात का प्रमाण है कि सरकार अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभा रही है।
इस विशाल सम्मेलन में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, विधायक सुरेश बैठा, ममता देवी, राजेश कच्छप, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पंचायती राज निदेशक बी. राजेश्वरी और UIDAI के क्षेत्रीय अधिकारी (RO) नीरज कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों के मुखिया व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।



















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