अभिभावकों ने छोटे बच्चों के लिए समय में बदलाव की उठाई मांग
चतरा। राज्य में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए सरकार द्वारा केजी से लेकर 12वीं तक के विद्यालयों के समय में बदलाव कर सुबह की शिफ्ट में कक्षाएं संचालित करने का निर्णय लिया गया है। बच्चों को कड़ी धूप से बचाने के उद्देश्य से उठाया गया यह कदम सराहनीय माना जा रहा है। हालांकि, दूसरी ओर आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले 3 से 5 वर्ष के मासूम बच्चों की स्थिति अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। इन केंद्रों का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक यथावत रहने के कारण छोटे बच्चों को तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच आना-जाना पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि इस उम्र के बच्चे बेहद संवेदनशील होते हैं और भीषण गर्मी उनके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। गर्म हवाओं और तपती जमीन के कारण बच्चों के बीमार पड़ने की आशंका भी बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने आंगनबाड़ी सेविकाओं की सराहना करते हुए कहा कि वे सीमित संसाधनों में बच्चों के पोषण, देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा का कार्य कर रही हैं। यदि समय में बदलाव किया जाता है तो इससे बच्चों के साथ-साथ सेविकाओं को भी राहत मिलेगी। अभिभावकों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आंगनबाड़ी केंद्रों का समय अधिकतम सुबह 10ः30 बजे तक निर्धारित किया जाए, ताकि मासूम बच्चों को भीषण गर्मी से सुरक्षित रखा जा सके।
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