उपायुक्त के निर्देश पर 24 अप्रैल से 11 मई तक चलेगा महाअभियान, 48 घंटे में ठीक होंगे बंद चापाकल, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई
चतरा (झारखंड), न्यूज स्केल डेस्क: ग्रीष्म ऋतु में संभावित पेयजल संकट को गंभीरता से लेते हुए चतरा जिला प्रशासन ने युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। उपायुक्त (DC) रवि आनंद के कड़े निर्देशानुसार जिले की सभी 154 पंचायतों में 24 अप्रैल 2026 से 11 मई 2026 तक “पेयजल समस्या निवारण पखवाड़ा” का संचालन किया जा रहा है। यह अभियान केवल पानी की समस्या तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पंचायत स्तर पर स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि जैसे समग्र विकास को भी गति देगा।
विशेष संयुक्त जांच दलों का गठन, ऑन-स्पॉट समाधान उपायुक्त के निर्देश पर जिले के वरीय पदाधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO), अंचल अधिकारियों और तकनीकी कर्मियों को मिलाकर विशेष संयुक्त जांच दलों का गठन किया गया है।
ये दल सीधे पंचायतों में पहुंचेंगे और जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों के साथ बैठक करेंगे।
पेयजल संकटग्रस्त बसावटों का भौतिक सत्यापन कर समस्याओं का ऑन-स्पॉट समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रत्येक प्रखंड में संबंधित BDO को इस जांच दल का नोडल पदाधिकारी बनाया गया है।
48 घंटे में ठीक होंगे चापाकल, 24 घंटे में शुरू होगी बोरिंग इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को “विशेष तकनीकी नोडल पदाधिकारी (फ्लाइंग स्क्वाड)” नियुक्त किया गया है। वे प्रतिदिन अति संवेदनशील पंचायतों का औचक निरीक्षण करेंगे। वृहद मरम्मत या डीप बोरिंग की जरूरत पड़ने पर उसी दिन प्राक्कलन स्वीकृत कर 24 घंटे के भीतर कार्य शुरू कराया जाएगा, जबकि बंद पड़े चापाकलों की मरम्मत 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित की जाएगी।
जिला कंट्रोल रूम स्थापित, तुरंत होगी कार्रवाई पेयजल समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए अपर समाहर्ता के नियंत्रण में एक ‘जिला कंट्रोल रूम’ भी स्थापित किया गया है। आम जन अपनी शिकायतें इन नंबरों पर दर्ज करा सकते हैं:
मोबाइल: 9117619352 लैंडलाइन: 06541-253219 यहां प्राप्त शिकायतों को तत्काल संबंधित BDO को भेजकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, जिला स्तर पर “Chatra Water Task Force” व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है, जहां जियो-टैग तस्वीरों के साथ प्रतिदिन रिपोर्ट अपलोड करना अनिवार्य है।
लापरवाही पर ‘आपदा प्रबंधन अधिनियम’ के तहत होगी कार्रवाई उपायुक्त रवि आनंद ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यह पखवाड़ा आपदा प्रबंधन के अंतर्गत संचालित होगा। यदि कोई पदाधिकारी या कर्मी बिना अनुमति अनुपस्थित रहता है या कार्य में लापरवाही बरतता है, तो उसके विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 और झारखंड पंचायती राज अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पखवाड़ा समाप्ति के बाद भी यदि किसी निरीक्षित पंचायत से पेयजल संकट की शिकायत मिलती है, तो संबंधित निरीक्षण दल इसके लिए जिम्मेदार होगा।
प्रथम दिन इन पंचायतों में लग रहे हैं विशेष शिविर 24 अप्रैल को पखवाड़े के पहले दिन चतरा के लेम व जांगी, गिद्धौर, हंटरगंज के जोलडीहा व गेरुआ, प्रतापपुर के घोड़दौड़ व एघारा, कुंदा, लावालौंग के रिमी, सिमरिया के जीर्वाखुर्द व जांगी, इटखोरी के कोनी व परसौनी सहित नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड 1 और 2 में विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।





















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