लंबे समय बाद महिला, बाल विकास विभाग में बड़े पैमाने पर हुई नियुक्तियां: मुख्यमंत्री ने नव-नियुक्त कर्मियों से ग्रामीण महिलाओं की झिझक दूर कर उन्हें योजनाओं से जोड़ने का किया आह्वान
रांची न्यूज स्केल डेस्क: झारखंड में महिला सशक्तिकरण और बाल विकास की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के अंतर्गत नव-नियुक्त बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (CDPO) एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें पूरी संवेदनशीलता और निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया।
महिलाओं के इर्द-गिर्द केंद्रित है आज की नियुक्ति समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि लंबे अर्से बाद आज बड़े पैमाने पर इन पदों पर नियुक्ति होना राज्य के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी होकर न केवल अपने परिवार बल्कि समाज और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आज की इन नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं से जुड़े विषयों और उनकी समस्याओं को केंद्र में रखकर उनका समाधान करना है।
‘कुपोषण एक श्राप है, इसे जड़ से मिटाना होगा’ राज्य में कुपोषण की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने नव-नियुक्त कर्मियों को संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा, “राज्य में अभी भी बड़ी संख्या में बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। समाज के भीतर कुपोषण एक श्राप है। यदि समय रहते इसका समाधान नहीं किया गया, तो यह जीवनभर की चुनौती बन सकता है।” सीएम ने कहा कि ‘कुपोषण मुक्त झारखंड’ बनाने में नव-नियुक्त अधिकारियों की भूमिका सबसे अहम होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड एक आदिवासी बहुल राज्य है, जहां ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों की महिलाओं में अपनी शारीरिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को छिपाने की प्रवृत्ति होती है। यही छोटी-छोटी समस्याएं कभी-कभी उनके लिए घातक साबित हो जाती हैं। मुख्यमंत्री ने नव-नियुक्त महिला अधिकारियों से कहा कि अब इन महिलाओं की समस्याओं के निराकरण का जिम्मा उनके कंधों पर है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर बल देते हुए कहा कि जहां समन्वय कमजोर होता है, वहां अनियमितताओं की संभावना बढ़ जाती है। सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं को पहुंचाने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी आवश्यक है। इसी दिशा में विभाग द्वारा आंगनबाड़ी सेविकाओं, सीडीपीओ एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं को मोबाइल फोन एवं टैब (Tab) प्रदान किए गए हैं ताकि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकार की योजनाएं पहुंच सकें। इस महत्वपूर्ण नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में राज्य के मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह, निदेशक किरण कुमारी पासी सहित संबंधित विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारीगण, नव-नियुक्त अभ्यर्थी और उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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