राहत कार्य में देरी से भड़का गुस्सा, ग्रामीणों ने किया सड़क जाम और ओपी का घेराव
धनबाद जिले के सोनारडीह ओपी क्षेत्र अंतर्गत टांडाबाड़ी बस्ती में मंगलवार की शाम एक भीषण धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शाम करीब साढ़े पांच बजे जोरदार विस्फोट हुआ, जिसके बाद कई घर पलभर में जमींदोज हो गए। इस भयावह हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों—सरिता देवी, मनोहर उरांव और गीता कुमारी—के मलबे में दबने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धमाका इतना तेज था कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। अचानक हुए इस हादसे से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने परिजनों की तलाश में मलबे के बीच जुट गए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और मातम का माहौल है।
घटना के करीब दो घंटे बीत जाने के बावजूद राहत एवं बचाव कार्य शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय पर कार्रवाई नहीं होने से मलबे में दबे लोगों की जान बचाने की संभावना कम होती जा रही है। आक्रोशित ग्रामीणों ने सोनारडीह ओपी का घेराव कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इसके साथ ही राजगंज-बोकारो मुख्य मार्ग (एनएच-32) को जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने की मांग की।
घटना की सूचना मिलते ही बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने बीसीसीएल के सीएमडी और धनबाद के उपायुक्त से फोन पर बातचीत कर तत्काल राहत कार्य शुरू करने का निर्देश दिया। विधायक ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन भी दिया। फिलहाल प्रशासन की ओर से राहत कार्य शुरू होने का इंतजार किया जा रहा है। स्थानीय लोग मलबे में दबे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालने की मांग कर रहे हैं, ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके और संभावित जनहानि को रोका जा सके।






















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