कुंदा (चतरा)। सरकारी आवास की उम्मीद टूटने के बाद कुंदा प्रखंड के नावाद गांव निवासी अखिलेश गंझु ने स्वाभिमान का रास्ता चुनते हुए खुद मजदूरी कर अपना घर बनाने का निर्णय लिया है। अखिलेश बोरिंग गाड़ी में मजदूरी कर अपने पसीने की कमाई से मिट्टी का घर खड़ा कर रहे हैं। अखिलेश का कहना है कि उन्होंने कई वर्षों तक ब्लॉक और पंचायत कार्यालय के चक्कर लगाए, लेकिन उनकी फाइल कहीं दबकर रह गई। अधिकारियों से मदद नहीं मिलने पर उन्होंने खुद मेहनत कर घर बनाने का फैसला किया, ताकि उनके बच्चों को बरसात में भीगकर रात न गुजारनी पड़े। उन्होंने बताया कि आज भी उनका परिवार तिरपाल और फूस के सहारे जीवन बिता रहा है। ऐसे में मजबूरी में वे मजदूरी कर मिट्टी का घर बना रहे हैं। गांव के ग्रामीणों का कहना है कि अखिलेश जैसे मेहनतकश व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ तुरंत मिलना चाहिए। उनका मानना है कि जब सरकार अबुआ आवास योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर गरीब को पक्का मकान देने का दावा करती है, तो ऐसे जरूरतमंद लोगों तक योजना का लाभ पहुंचना जरूरी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अखिलेश गंझु को तत्काल सरकारी आवास योजना का लाभ देकर उनकी समस्या का समाधान किया जाए।
सरकारी आवास की आस टूटी, मजदूरी कर खुद मिट्टी का घर बना रहा अखिलेश

On: March 16, 2026 8:53 PM

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