लातेहार। झारखंड के Latehar जिले के Sadar Police Station Latehar क्षेत्र अंतर्गत कैमा गांव में गुरुवार रात पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस घटना में 15 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि कई ग्रामीणों को भी चोटें आई हैं। घायलों में से तीन जवानों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए Rajendra Institute of Medical Sciences रांची रेफर किया गया है।
युवकों को पकड़ने पर बढ़ा विवाद
ग्रामीणों के अनुसार पुलिस चार वाहनों से तुबेद गांव गई थी। लौटते समय पुलिस कैमा गांव के दो युवकों – विशेष टाना भगत और संदीप टाना भगत को पकड़कर ले जा रही थी। इसकी जानकारी मिलते ही ग्रामीण एकजुट हो गए और युवकों को छोड़ने की मांग करने लगे। बताया गया कि पुलिस की दो गाड़ियां युवकों को लेकर आगे निकल गईं, जबकि ग्रामीणों ने बाकी दो पुलिस वाहनों को गांव में रोक लिया और दोनों युवकों को वापस लाने की मांग की। बाद में एक बस से दोनों युवकों को वापस लाया गया और गांव के अखरा में पुलिस और ग्रामीणों के बीच वार्ता हुई। बातचीत के बाद पुलिस ने दोनों युवकों को छोड़ दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस के लौटने के बाद एक जवान कथित रूप से नशे की हालत में पीछे रह गया। इसके बाद पुलिस दोबारा गांव पहुंची और उस जवान के बारे में पूछताछ करने लगी। पुलिस का आरोप है कि ग्रामीणों ने एक जवान को बंधक बना लिया था, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने बिना उनका पक्ष सुने लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद स्थिति बिगड़ गई और ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला कर दिया। ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस ने तीन राउंड हवाई फायरिंग भी की, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
झड़प में घायल पुलिसकर्मियों में एसआई धर्मवीर कुमार सिंह, सलेंद्र कुमार सिंह, प्रेमचंद पांडेय, रामकिशोर उरांव, विजय कुमार सिंह, तिलेश्वर लकड़ा, कन्हैया प्रसाद, एसआई मोहन रविदास, एसआई रामाकांत गुप्ता, राजेश झा, कृष्णा मुरारी, लोबिन मुर्मू, गिरिवर प्रसाद, सत्यम कुमार और जवाहर उरांव शामिल हैं। इनमें से सलेंद्र कुमार सिंह, तिलेश्वर लकड़ा और रामकिशोर उरांव को बेहतर इलाज के लिए रिम्स रांची भेजा गया है।
पुलिस का कहना है कि ग्रामीणों ने एक महीने पहले कोयला खनन के लिए सर्वे कर रही कंपनी का ड्रोन जब्त कर लिया था और पुलिस उसी को छुड़ाने गई थी। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि ड्रोन की घटना का गुरुवार रात की झड़प से कोई संबंध नहीं है।
कई पुलिसकर्मी कुछ समय तक गांव में रोके गए
घटना के दौरान ग्रामीणों ने थाना प्रभारी प्रमोद कुमार सिन्हा और एसआई राजेश कुमार समेत आठ पुलिसकर्मियों को कुछ समय के लिए गांव में रोक लिया था। सूचना मिलते ही एसडीपीओ अरविंद कुमार के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस बल गांव पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया गया। फिलहाल इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।






















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