रांची। झारखंड की राजधानी रांची के Namkum Police Station की हाजत में 12 वर्षीय बच्चे की हत्या के आरोपी जगाई मुंडा द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने के मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। Rakesh Ranjan ने ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में सात पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
एसएसपी ने निगरानी और सुरक्षा ड्यूटी में तैनात निम्न पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की है: सहायक अवर निरीक्षक प्रभुवन कुमार, हवलदार सुधीर शर्मा, हवलदार गयानंद, आरक्षी मुकेश ठाकुर, आरक्षी राहुल प्रताप सिंह, इसके अलावा चौकीदार रेहान अंसारी और महानंद टोप्पो के खिलाफ कार्रवाई के लिए उपायुक्त को अनुशंसा भेजी गई है। वहीं इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी को निलंबित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी Ramkumar Verma को सौंपी गई है।
जानकारी के अनुसार, खूंटी जिले के साइको कुंडापूर्ति की एक महिला ने जगाई मुंडा पर अपने 12 वर्षीय बेटे रमेश हजाम के अपहरण और हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के दौरान रामगढ़ के घाटों भुईयाडीह जंगल से जगाई को गिरफ्तार किया था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने बच्चे का शव बरामद किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि महिला के साथ उसके 5–6 वर्षों से प्रेम संबंध थे। बाद में विवाद होने पर उसने महिला को धमकी दी थी। बताया जाता है कि आरोपी ने नावामसकल स्कूल, ब्यांगडीह (नामकुम) से बच्चे का अपहरण कर उसे जंगल ले जाकर गला दबाकर हत्या कर दी और पहचान छिपाने के लिए चेहरे को पत्थर से कुचल दिया।
हाजत में लगाई फांसी, परिजनों ने की आर्थिक सहायता की मांग
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को नामकुम थाना की हाजत में रखा गया था, जहां उसने कंबल के कपड़े से फंदा बनाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद मृतक की पत्नी पार्वती देवी और बेटा सिंगा मुंडा रिम्स पहुंचे। परिजनों ने प्रशासन से तीनों बच्चों की पढ़ाई और भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठाने की मांग की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई जारी है।




















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