Homeबिहारझारखंडदेश-विदेशमनोरंजनखेलक्राइमशिक्षाराजनीतिहेल्थराशिफल
---Advertisement---

डुमरी कला में अवैध खनन का आरोप, ग्रामीणों ने प्रशासन को दी अंतिम चेतावनी, सामाजिक कार्यकर्ता ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप की उच्चस्तरीय जांच की मांग

On: February 23, 2026 8:31 PM
Follow Us:
---Advertisement---
ADS'
WhatsApp Group Join Now

चतरा। हंटरगंज प्रखंड के ग्राम डुमरी कला में कथित अवैध खनन को लेकर प्रशासन और खनन संचालकों के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय निवासी एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्रीराम पाण्डेय ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए खनन गतिविधियों, फर्जी ग्राम सभा और पर्यावरणीय क्षति की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। आरोप है कि माइनिंग और क्रशर लीज के लिए आवश्यक ग्राम सभा की प्रक्रिया वास्तविक जन-सहमति के बिना पूरी की गई। ग्रामीणों का दावा है कि विकास कार्यों के नाम पर हस्ताक्षर लिए गए और बाद में उन्हें खनन स्वीकृति के रूप में प्रस्तुत किया गया। इसे पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम (पेसा) 1996 और संविधान की पांचवीं अनुसूची के उल्लंघन के रूप में बताया जा रहा है। ज्ञापन में पंचायत प्रतिनिधियों पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि पंचायत स्तर पर प्रभावशाली व्यक्तियों के परिजनों की भूमिका खनन कार्यों से जुड़ी है, जिससे हितों के टकराव की स्थिति बन रही है। ग्रामीणों का कहना है कि खनन और ब्लास्टिंग गतिविधियों से गांव के पारंपरिक जल स्रोत ‘अहरा’ का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हुआ है। साथ ही, प्राथमिक विद्यालय, मंदिर और पंचायत भवन के समीप खनन संचालन से सुरक्षा और आस्था दोनों पर असर पड़ रहा है। 23 जनवरी 2026 को हुए एक कथित विस्फोट के बाद कई घरों में दरारें आने का आरोप लगाया गया है। प्रभावित लोगों ने तकनीकी सर्वेक्षण और मुआवजे की मांग की है। साथ ही, ओवरलोडेड ट्रकों और धूल प्रदूषण से स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ने की शिकायत की गई है। श्रीराम पाण्डेय का दावा है कि जून 2024 से अब तक कई बार लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों की निष्क्रियता से अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। प्रमुख मांगें में ग्राम सभा प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच। धार्मिक स्थलों व जल स्रोतों के संरक्षण हेतु खनन पर रोक। कथित रूप से क्षतिग्रस्त पैक्स भवन और बीज केंद्र को मुक्त कर कार्रवाई। प्रभावित घरों का तकनीकी सर्वेक्षण व मुआवजा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्च न्यायालय में जनहित याचिका, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग व पर्यावरण न्यायाधिकरण में शिकायत दर्ज कराएंगे। इस पूरे मामले में जिला प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now
---Advertisement---

और पढ़ें

माता शबरी महोत्सव सह भुईयां समाज मिलन समारोह आयोजित, केंद्रीय मंत्री सह बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री हुए शामिल, कहा “शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पियेगा वही दहाड़ेगा”

जंगली हाथियों का आतंक, किसानों की फसलें बर्बाद

भीषण सड़क हादसा, दो युवकों की मौके पर मौत

नगर परिषद चुनाव 2026: 59.79% मतदान, बैलेट बॉक्स में बंद हुई प्रत्याशियों की किस्मत

बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, 8 संदिग्ध गिरफ्तार; लाल किले के पास हाई अलर्ट

लिव-इन बना खौफ का कैदखाना! छात्रा पर जानलेवा हमला, आरोपी गिरफ्तार

बारात से लौट रहे पुलिसकर्मियों की दर्दनाक मौत! SUV-ट्रक टक्कर में 5 जवान शहीद

माघ मेले के संत पर संगीन आरोप! नाबालिग समेत दो के यौन शोषण केस में FIR दर्ज

मंईयां सम्मान योजना की 19वीं किस्त जारी, 51 लाख से अधिक लाभुकों के खाते में DBT से राशि ट्रांसफर

लिव-इन से सात फेरे तक: 101 जोड़े बने दूल्हा-दुल्हन, सामूहिक विवाह ने मिटाया ‘ढुकू’ का कलंक

धर्म और उद्योग का संगम: नेमीचंद शर्मा की आस्था और योगदान की मिसाल

शादी का झांसा… प्यार का जाल और 1 करोड़ की ठगी, आरोपी की तलाश में पुलिस पहुंची झारखंड

Leave a Comment