
राजधानी… भीड़… और धार्मिक स्थलों को दहला देने की साजिश। दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश कर दिया है। आठ संदिग्धों की गिरफ्तारी के साथ खुफिया एजेंसियों के इनपुट ने साफ कर दिया है कि साजिश कितनी गहरी और खतरनाक थी। सवाल — आखिर किसके इशारे पर रची जा रही थी ये साजिश?
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में बड़ी आतंकी साजिश रचने के आरोप में आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और बांग्लादेश स्थित चरमपंथी संगठनों के इशारे पर सक्रिय एक कथित मॉड्यूल के खिलाफ की गई है। सूत्रों ने बताया कि तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों से छह संदिग्धों को पकड़ा गया है, जिन्हें पूछताछ के लिए दिल्ली लाया जा रहा है। इससे पहले इसी मामले में दो अन्य व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया था। गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपितों के बांग्लादेशी नागरिक होने की भी आशंका जताई जा रही है, जिसकी जांच की जा रही है।
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से इनपुट मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर आ गईं। जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की कथित साजिश रची थी। इसी के मद्देनजर शनिवार को ऐतिहासिक लाल किला के आसपास विशेष सतर्कता बरती गई और संभावित विस्फोट की आशंका को लेकर अलर्ट जारी किया गया।
सूत्रों के मुताबिक, देश के विभिन्न हिस्सों में विध्वंसक गतिविधियों की योजना बना रहे एक संदिग्ध मॉड्यूल के बारे में मिली विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर यह अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने संदिग्धों के पास से दर्जनों मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए हैं। इन डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कर नेटवर्क के विस्तार और संभावित विदेशी संपर्कों की पड़ताल की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह समूह पाकिस्तान की आईएसआई और बांग्लादेश स्थित कुछ संगठनों से जुड़े तत्वों के संपर्क में था। केंद्रीय एजेंसियां इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, खुफिया एजेंसियों ने आशंका जताई थी कि ‘इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस’ (आईईडी) के जरिए हमला करने की योजना बनाई जा सकती है। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या यह कथित योजना हाल के क्षेत्रीय घटनाक्रमों से जुड़ी थी।
गौरतलब है कि 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए घातक कार विस्फोट की पृष्ठभूमि में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी है। उस घटना में 13 लोगों की मौत हुई थी और 20 से अधिक घायल हुए थे।फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपितों से गहन पूछताछ जारी है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्प्रभावी करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।




















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