
जिस घर में शहनाइयों की तैयारी हो रही थी, वहाँ अचानक पुलिस की दस्तक ने सब कुछ बदल दिया। बाल विवाह की सूचना पर पहुँची टीम को अंदाजा भी नहीं था कि वे एक ऐसे राज से पर्दा उठाने जा रहे हैं, जो महीनों से डर, दबाव और बदनामी के साए में दफ्न था। मासूम उम्र, टूटता भरोसा और रिश्तों की आड़ में छिपी हैवानियत—यह कहानी उसी खामोशी की है, जो आखिरकार सच बनकर सामने आ गई।
बारासात (पश्चिम बंगाल): एक बाल विवाह को रुकवाने पहुँची पुलिस के सामने ऐसा सच उजागर हुआ, जिसने अधिकारियों को भी झकझोर कर रख दिया। कम उम्र की शादी की आड़ में सात महीने पुराना सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता के तीन दूर के रिश्तेदारों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। मामला पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के देगंगा थाना क्षेत्र का है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना करीब सात महीने पहले की है। आरोप है कि एक रिश्तेदार के घर आयोजित जन्मदिन समारोह में नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाया गया। वहाँ उसे कथित रूप से नशीला पदार्थ पिलाया गया। जब वह अचेत अवस्था में थी, तो चार युवकों ने उसे घर छोड़ने का बहाना बनाया। बताया जाता है कि पीड़िता के पिता उस समय घर से बाहर थे और माँ दूसरे कमरे में सो रही थीं। आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर आरोपियों ने नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। डर और लोक-लाज के कारण मामला दबा रहा।
हाल ही में जब नाबालिग की शादी की रस्में चल रही थीं, तभी पुलिस को बाल विवाह की गुप्त सूचना मिली। मौके पर पहुँची टीम ने जब पूछताछ की, तो पीड़िता और उसके परिजनों ने पूरी आपबीती सुनाई। परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पॉक्सो (POCSO) अधिनियम और संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा और फरार आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी है। यह घटना एक बार फिर समाज में भरोसे के रिश्तों के दुरुपयोग की भयावह सच्चाई को सामने लाती है। प्रशासन ने निष्पक्ष जांच और पीड़िता को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।






















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