
समाज में बढ़ती मानव तस्करी की घटनाएं एक गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं। नौकरी, बेहतर जीवन और शहर घुमाने के नाम पर मासूम बेटियों को जाल में फंसाया जा रहा है। ऐसे दौर में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है। गुमला में हालिया कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि अगर परिवार, समाज और पुलिस सतर्क रहें, तो बड़ी से बड़ी साजिश को भी नाकाम किया जा सकता है।
गुमला: मानव तस्करी के खिलाफ गुमला पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो युवतियों को सकुशल बरामद किया है। काम दिलाने और घुमाने के बहाने बहला-फुसलाकर ले जाई गई इन दोनों पीड़िताओं को तस्करों ने दूसरे राज्यों में बेच दिया था।
पुलिस की विशेष टीम ने एक युवती को राजस्थान से तथा दूसरी किशोरी को दिल्ली से रेस्क्यू किया। लंबे समय बाद अपनी बेटियों को सुरक्षित देखकर परिजनों की आंखें नम हो गईं। परिवार ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चैनपुर के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने संबंधित राज्यों की पुलिस के सहयोग से कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की। जब सुराग कम मिले, तो पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग का सहारा लिया।
तकनीकी आधार पर कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए दोनों पीड़िताओं को सुरक्षित बरामद कर गुमला लाया गया। नियमानुसार न्यायालय में बयान, बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुति, महिला थाना में प्रक्रिया और मेडिकल जांच के बाद उन्हें परिजनों को सौंपा जाएगा।
यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि रोजगार या बेहतर भविष्य के नाम पर दिए जाने वाले झांसे से सावधान रहें। बेटियों की सुरक्षा के लिए जागरूकता, संवाद और सतर्कता बेहद जरूरी है।





















Total Users : 803309
Total views : 2503369