
चतरा/सिमरिया। झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य मनोज कुमार चंद्रा ने गुरुवार को उपायुक्त कृति श्री को ज्ञापन सौंपते हुए 21 दिनों की तय समय सीमा बीत जाने के बावजूद मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर कड़ा रुख अपनाने की चेतावनी दी है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि आम लोगों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 03 जनवरी 2026 से कोल एवं फ्लाई ऐश ट्रांसपोर्टिंग के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरना व बंदी की गई थी। 05 जनवरी को सिमरिया एसडीओ की अध्यक्षता में धरनार्थी जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई थी, जिसमें 21 दिनों के भीतर विभिन्न बिंदुओं पर कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया गया था। श्री चंद्रा ने कहा कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई, जिससे आम जनता में आक्रोश व्याप्त है। प्रमुख मांगें में एनटीपीसी से फ्लाई ऐश/सीसीआर की ढुलाई बंद कंटेनर से कराए जाने तथा खुले वाहनों व ट्रिप ट्रेलर पर पूर्ण रोक लगे। झारखंड के बाहर के वाहनों से ढुलाई बंद कराना, सड़कों पर गिरे फ्लाई ऐश की नियमित सफाई तथा उल्लंघन की स्थिति में एनटीपीसी पर विधि-सम्मत कार्रवाई करने, पकरी बरवाडीह (बड़कागांव) से सिमरिया मार्ग होकर टंडवा तक कोयला ढुलाई पूर्णतः बंद करने, टंडवा एवं सिमरिया के आबादी क्षेत्रों में सुरक्षा गार्ड एवं नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था कराने, चिन्हित स्थलों पर सोलर लाइट लगाने, सिमरिया-हजारीबाग पथ पर नो-इंट्री प्वाइंट को स्थानांतरित कर राजेश द्वार के पास किया जानेव कोल/फ्लाई ऐश वाहनों से दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को 15 लाख रुपये मुआवजा तथा घायलों के समुचित इलाज की जवाबदेही तय करना शामिल है। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि समझौते के अनुसार मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 24 फरवरी 2026 (मंगलवार) से सिमरिया चौक पर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। इस दौरान केवल फ्लाई ऐश एवं कोल वाहनों का परिचालन पूर्णतः बंद कर दिया जाएगा। श्री चंद्रा ने स्पष्ट किया कि आंदोलन की स्थिति में उत्पन्न किसी भी परिस्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी एनटीपीसी और चतरा जिला प्रशासन की होगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस निरीक्षक एवं थाना प्रभारी सिमरिया को भी प्रेषित की गई है।





















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