तुपुदाना से 30 अक्टूबर को 1100 पेटी विदेशी शराब लेकर रवाना हुआ था ट्रक; 5 नवंबर को सुनसान कुएं से हाथ-पैर बंधा मिला था शव; DSP और थाना प्रभारी की अलग-अलग टीमें कर रही जांच; शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क पर उठे सवाल
रांची/चौपारण (हजारीबाग): राजधानी रांची के तुपुदाना औद्योगिक क्षेत्र से करीब 80 लाख रुपये की विदेशी शराब लेकर निकला ट्रक रहस्यमय परिस्थितियों में चौपारण में खाली मिला है। ट्रक से पूरी शराब गायब है और इस मामले में एक कुएं से बरामद अज्ञात शव के तार जुड़ने की आशंका ने जांच को नया मोड़ दे दिया है।
🚚 30 अक्टूबर से था लापता
जानकारी के अनुसार, रांची के तुपुदाना औद्योगिक क्षेत्र से ट्रक पर विदेशी शराब की 1100 पेटियां लादी गई थीं, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 80 लाख रुपये बताई गई है। ट्रक को 30 अक्टूबर को निर्धारित गंतव्य तक पहुंचना था, लेकिन रास्ते में ही वह गायब हो गया। काफी देर तक ट्रक और शराब का पता न चलने पर तुपुदाना ओपी में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। शुक्रवार को चौपारण थाना क्षेत्र में ट्रक लावारिस अवस्था में बरामद किया गया, जिसके बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
💀 कुएं से मिला शव, चालक के रूप में हुई पहचान
इस पूरे मामले में ट्रक मालिक और चालक नागेंद्र सिंह की गुमशुदगी महत्वपूर्ण कड़ी बन गई है। नागेंद्र सिंह रांची के दीपाटोली का रहने वाला बताया जा रहा है। दूसरी ओर, चौपारण के दैहर गांव स्थित एक सुनसान कुएं से 5 नवंबर को एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया गया था। शव की हालत काफी खराब थी, उसके हाथ-पैर तार से बंधे हुए थे और पूरा शरीर बेडशीट में लिपटा हुआ था।
शव की पहचान कोकर निवासी चंदन सिंह ने अपने जीजा नागेंद्र सिंह के रूप में की है। हालांकि, शव की आधिकारिक पुष्टि और मौत के सटीक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
🕵️ पुलिस जांच के प्रमुख बिंदु
पुलिस अब दोनों घटनाओं (शराब की लूट और चालक की हत्या) के बीच संभावित संबंध की जांच कर रही है। पुलिस इस आशंका को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है कि:
- कहीं शराब की खेप लूटने के दौरान चालक ने विरोध तो नहीं किया था?
- क्या शराब तस्करी से जुड़े लोगों ने चालक को रास्ते से हटाने के लिए उसकी हत्या कर दी और शव को कुएं में फेंक दिया?
- ट्रक को रास्ते में कहां रोका गया?
- शराब की पेटियां किस वाहन या माध्यम से दूसरी जगह पहुंचायी गईं?
मामले के उद्भेदन के लिए बरही डीएसपी राधा प्रेम किशोर और चौपारण थाना प्रभारी पंकज कुमार अलग-अलग टीमें बनाकर जांच कर रहे हैं। संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
शराब तस्करी का बड़ा नेटवर्क
चौपारण क्षेत्र लंबे समय से अवैध शराब निर्माण और तस्करी को लेकर चर्चा में रहा है। बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद यह इलाका शराब तस्करी के प्रमुख रास्तों में शामिल रहा है। भगहर-भंडार से लेकर जीटी रोड की दनुआ घाटी तक अवैध शराब के कारोबार की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में 80 लाख रुपये की शराब से लदे ट्रक के खाली मिलने और चालक का शव कुएं से बरामद होने के मामले ने एक बार फिर क्षेत्र में सक्रिय शराब तस्करी के नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं।




















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