समाहरणालय तक निकाला विरोध मार्च, राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन; मतदाता सूची और निर्वाचन आयोग की आईटी व्यवस्था की स्वतंत्र जांच की मांग
गुमला, झारखंड, संवाददाता। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने एवं संशोधन की प्रक्रिया को लेकर सोमवार को गुमला में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमिटी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकालकर समाहरणालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजनी तिग्गा ने किया। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। साथ ही उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा गया।

ज्ञापन में एसआईआर प्रक्रिया, मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया की समीक्षा तथा निर्वाचन आयोग की आईटी व्यवस्था और डेटा प्रबंधन की स्वतंत्र एवं व्यापक जांच की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा जरूरी है।
सीईसी पर लगाए आरोप, स्वतंत्र जांच की मांग
अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष सह जिला प्रभारी शमशेर आलम ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है और मतदाता सूची की शुचिता इसमें अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के कार्यकाल और निर्णयों को लेकर उठ रहे सवालों की स्वतंत्र जांच की मांग की।
उन्होंने कहा कि एसआईआर के दौरान नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए तथा जिन नागरिकों के नाम को लेकर आपत्ति या बदलाव की स्थिति बनती है, उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने निर्वाचन आयोग की आईटी प्रणाली, डेटा प्रबंधन और डेटा केंद्रीकरण से जुड़े पहलुओं की भी स्वतंत्र तकनीकी एवं संस्थागत समीक्षा की मांग की।
राजनी तिग्गा ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजनी तिग्गा ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है। उनके अनुसार, एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची में हो रहे बदलावों को लेकर आम लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी पात्र मतदाता का नाम निर्धारित सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया के बिना नहीं हटाया जाना चाहिए।
उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लेकर कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग की। तिग्गा ने ज्ञानेश कुमार पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप भी लगाया और इसे कांग्रेस का राजनीतिक आरोप बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर पार्टी लगातार सवाल उठा रही है।
ज्ञात हो कि एसआईआर को लेकर कांग्रेस और निर्वाचन आयोग के बीच देशभर में राजनीतिक विवाद चल रहा है। हाल में कांग्रेस ने कई राज्यों में प्रदर्शन कर सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। वहीं निर्वाचन आयोग की ओर से कहा गया है कि उसके आदेश निर्धारित वैधानिक प्रक्रियाओं के तहत जारी किए गए हैं।
पुतला दहन कर जताया विरोध

ज्ञापन सौंपने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर विरोध जताया। कांग्रेस ने राष्ट्रपति से सीईसी के संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच, उनके कार्यकाल के महत्वपूर्ण निर्णयों की समीक्षा, एसआईआर के तहत मतदाता सूची में हुए बदलावों की जांच तथा निर्वाचन आयोग की आईटी व्यवस्था की स्वतंत्र समीक्षा कराने की मांग की।
प्रदर्शन में आशिक अंसारी, आफताब आलम लाडले, अनिरुद्ध चौबे, रोहित उरांव, सुजीत जायसवाल, मनीष हिंदुस्तान, सीमा देवी, अरुण कुमार, मिन्हाज खान, बैबुल अंसारी, शाहजहां अंसारी, चंद्रशेखर उरांव, रूपेश कुमार सन्नी, रफी अली, आशीषनाथ सहदेव, आजाद अंसारी, गुलाम सरवर, जय सिंह, रामनिवास प्रसाद, फिरोज आलम, खालिद साह, सगीर आलम, आदित्य भगत, राजू उरांव, अजीत केरकेट्टा, प्रदीप नींज, प्रदीप खलखो, विकास साहू, मोख्तार आलम, निलेश उरांव, इस्माइल कुजूर और जॉय कुजूर समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इसके अलावा अमृता भगत, साहेब वसीम, ऋषिकांत साहू, अमित साहू, भुनेश्वर राम, सौरव कुमार भगत, जेवियर लकड़ा, यशोदा देवी, दिलबहारा अंसारी, फूलवती कुजूर, प्रकाश उरांव, दीपेंद्र महली, आयशर खान, रामकिशुन बड़ाईक, विजय उरांव, एजाज आलम, मुजाहिद अंसारी, रहमान अंसारी, अभिषेक सोरेंग, पंचम बिलुंग और अभिषेक कुमार समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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