आईआईटी-कानपुर के जेटीआरसी के सहयोग से आयोजित बैठक में आजीविका, पारिस्थितिक पुनर्स्थापन और सामुदायिक हितों पर हुई चर्चा
संवाददाता | न्यूज स्केल लाइव
चतरा। समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में सोमवार को उपायुक्त रवि आनंद की अध्यक्षता में आम्रपाली कोयला खनन क्षेत्र के पुनः उपयोग (रीपर्पजिंग) की संभावनाओं को लेकर हितधारकों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन जस्ट ट्रांजिशन रिसर्च सेंटर (जेटीआरसी), आईआईटी-कानपुर के सहयोग से किया गया।

जेटीआरसी, आईआईटी-कानपुर के सीनियर प्रोजेक्ट एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ने बताया कि क्षेत्र में चल रहे पुनः उपयोग संबंधी अध्ययन के क्रम में यह बैठक आयोजित की गई है। इसका उद्देश्य क्षेत्र के भविष्य के उपयोग को लेकर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संभावनाओं, आवश्यकताओं और चुनौतियों को समझना तथा विभिन्न हितधारकों के सुझाव प्राप्त करना है।
बैठक में आजीविका एवं कौशल विकास, पारिस्थितिक पुनर्स्थापन एवं भूमि उपयोग, सामुदायिक अवसंरचना तथा संस्थागत समन्वय जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही क्षेत्र के लिए प्राथमिक कार्यों की पहचान, हितधारकों के बीच संभावित साझेदारी और आगे की कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श किया गया। हितधारकों ने क्षेत्र की वर्तमान परिस्थितियों, स्थानीय आवश्यकताओं और भविष्य की संभावनाओं से जुड़े सुझाव साझा किए, जिन्हें अध्ययन एवं आगामी कार्ययोजना में शामिल करने पर चर्चा हुई।
उपायुक्त ने कहा कि पुनः उपयोग की दिशा में आगे बढ़ते हुए स्थानीय आवश्यकताओं, आजीविका के अवसरों, पर्यावरणीय पुनर्स्थापन और सामुदायिक हितों को ध्यान में रखना आवश्यक है। उन्होंने अध्ययन एवं आगे की प्रक्रिया में जिला प्रशासन की ओर से आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक में जिला महाप्रबंधक, आम्रपाली-चंद्रगुप्त क्षेत्र, सीसीएल, टंडवा, परियोजना पदाधिकारी, आम्रपाली परियोजना, सीसीएल के नोडल पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, चतरा, प्रखंड विकास पदाधिकारी, टंडवा, डीपीएम, जेएसएलपीएस, चतरा, संबंधित ग्राम पंचायतों के पंचायत सचिव, स्वयं सहायता समूहों एवं गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
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