शंख-लुकैया रोड बना ‘मौत का कुआं’, जान जोखिम में डालकर गुजर रहे लोग
लोहरदगा। जिला मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर दूर बिरसा चौक स्थित शंख नदी से करीब 50 मीटर की दूरी पर शंख-लुकैया पथ की स्थिति बेहद जर्जर हो गई है। रेलवे ब्रिज के नीचे सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन जाने से यहां से गुजरना लोगों के लिए किसी खतरे से कम नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की हालत देखकर ऐसा लगता है मानो यह रास्ता ‘मौत का कुआं’ बन गया हो।
इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों वाहन, विशेषकर हिंडाल्को के हेसल साइडिंग से जुड़े ट्रक, आवागमन करते हैं। इसके अलावा यह रास्ता टोरी और लातेहार होते हुए सासाराम, डोभी, गया और पटना जाने वाले लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है।

इसी सड़क से कुजरा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और हेसल स्थित महत्वपूर्ण अस्पताल तक भी लोगों का आवागमन होता है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से खतरा और बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह महत्वपूर्ण सड़क लंबे समय से जर्जर है, लेकिन इसके बावजूद शासन-प्रशासन का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। लोगों को आशंका है कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
सामाजिक विचार मंच के संयोजक मनोज गुप्ता (मन्ना) ने प्रशासन से सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को किसी बड़े आंदोलन या हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए। जनहित को देखते हुए सड़क की स्थिति का निरीक्षण कर जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।




















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