मास्क पहनकर भाजपा विधायकों ने जताया विरोध, छात्रों के आंदोलन की गूंज विधानसभा तक; सरकार ने पेश की एक्शन टेकेन रिपोर्ट
न्यूज स्केल संवाददाता
रांची। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा सदन में प्रमुखता से गूंजा। राजधानी रांची में पिछले दो सप्ताह से जारी अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच भाजपा विधायकों ने मास्क पहनकर विधानसभा पहुंचते हुए CBI जांच की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों पर सरकार अब तक कोई ठोस पहल नहीं कर रही है, जबकि सरकार की ओर से इस मुद्दे पर फिलहाल कोई नई घोषणा नहीं की गई।
मानसून सत्र की शुरुआत विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो के स्वागत के साथ हुई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया और सत्र के सफल, गरिमामय एवं सार्थक संचालन की शुभकामनाएं दीं।
इसी दौरान भाजपा विधायक मास्क पहनकर सदन में पहुंचे। मास्क पर लिखा था—“न्याय चाहिए, धोखा नहीं। JPSC, JSSC-CGL सहित सभी परीक्षाओं की CBI जांच कराओ।” भाजपा विधायकों ने सदन में खड़े होकर परीक्षा प्रक्रिया में कथित धांधली का मुद्दा उठाया और CBI जांच की मांग दोहराई।
भाजपा नेताओं का कहना है कि JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में राज्यभर के अभ्यर्थी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि छात्रों की मांगों पर सरकार ने अब तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया है। विपक्ष ने कहा कि जब तक परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच की अनुशंसा नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन सदन से सड़क तक जारी रहेगा।
दूसरी ओर, सदन की कार्यवाही के दौरान संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बजट सत्र के दौरान सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों पर एक्शन टेकेन रिपोर्ट (ATR) सदन के पटल पर रखी। इसके बाद शोक प्रस्ताव पारित किया गया और विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
वर्तमान परिदृश्य
राजधानी रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं, विधानसभा के भीतर विपक्ष ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए CBI जांच की मांग दोहराई है। ऐसे में यह मामला अब सड़क से लेकर विधानसभा तक राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर छात्रों, अभ्यर्थियों और राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं।























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