हाई-लेवल बैठक में अधिकारियों को समयबद्ध पैरवी का निर्देश; विभागवार केसों की प्रगति की ली जानकारी; विधि शाखा प्रभारी समेत कई अफसर रहे मौजूद
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
चतरा: चतरा समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) स्थित उपायुक्त कार्यालय कक्ष में उपायुक्त रवि आनंद की उच्चस्तरीय अध्यक्षता में देश की सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट), माननीय झारखंड उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट), लोकायुक्त एवं विभिन्न राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय आयोगों में लंबित वादों (मुकदमों) की एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक के दौरान चतरा जिले के विभिन्न विभागों से जुड़े लंबित मामलों की अद्यतन (करंट) स्थिति की विभागवार गहन समीक्षा की गई तथा संबंधित प्रशासनिक पदाधिकारियों को कड़े व आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
न्यायालयों द्वारा निर्गत आदेशों के अनुपालन की स्थिति की ली गई विस्तृत जानकारी
समीक्षा के कड़े क्रम में उपायुक्त रवि आनंद ने विभिन्न न्यायालयों एवं संवैधानिक आयोगों में चल रहे चतरा जिले के मामलों की प्रगति, अब तक की गई विभागीय विधिक कार्रवाई तथा अदालतों द्वारा समय-समय पर निर्गत किए गए आदेशों के अनुपालन की वास्तविक स्थिति की बिंदुवार विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने संबंधित अंचल अधिकारियों, कार्यपालक अभियंताओं और जिला स्तरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी प्रकार के सरकारी मामलों में अदालत के समक्ष समयबद्ध एवं प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करें, ताकि राज्य सरकार का पक्ष मजबूती से रखा जा सके। इसके साथ ही न्यायालयों एवं आयोगों द्वारा मांगी गई आवश्यक सूचनाएं, शपथ पत्र (Affidavit) एवं अनुपालन प्रतिवेदन निर्धारित समय सीमा के भीतर ही उपलब्ध कराने का सख्त निर्देश दिया गया।
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विभागीय लापरवाही और विधिक कार्यों में शिथिलता किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं: उपायुक्त
समीक्षा बैठक को कड़े लहजे में संबोधित करते हुए उपायुक्त रवि आनंद ने स्पष्ट शब्दों में चेताया कि न्यायालयों, माननीय उच्च न्यायालय और लोकायुक्त जैसे महत्वपूर्ण आयोगों से संबंधित सरकारी मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या लेती-देती (देरी) कतई स्वीकार्य नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि सभी विभागों के विभागाध्यक्ष अपने-अपने कार्यालयों में लंबित वादों की प्रत्येक सप्ताह नियमित समीक्षा करें तथा संबंधित विधिक मामलों का त्वरित व निष्पक्ष निष्पादन सुनिश्चित करने हेतु आपस में समन्वित (एकजुट) रूप से कार्य करें।
अभिलेख संधारण और समय पर प्रतिवेदन सौंपने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश
उपायुक्त ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि न्यायालयी मामलों में अद्यतन अभिलेख संधारण (अप-टू-डेट फाइलिंग व रिकॉर्ड कीपिंग) किया जाए, ताकि किसी भी वक्त विधिक दस्तावेज तुरंत उपलब्ध हो सकें। उन्होंने समय पर अनुपालन प्रतिवेदन (Compliance Report) उच्च न्यायालय को समर्पित करने पर विशेष बल दिया।
बैठक के समापन सत्र में उपायुक्त ने संबंधित सभी विभागों को कड़ा निर्देश दिया कि वे विभिन्न आयोगों के लंबित मामलों के प्रभावी निष्पादन एवं न्यायिक आदेशों के शत-प्रतिशत अनुपालन को अपनी दैनिक कार्यसूची में ‘सर्वोच्च प्राथमिकता’ (Top Priority) दें। ऐसा न करने वाले दोषी अधिकारियों पर विधिक गाज गिरनी तय है।
समाहरणालय के उपायुक्त कार्यालय कक्ष में आयोजित इस कड़क और अत्यंत महत्वपूर्ण विधिक बैठक के मौके पर मुख्य रूप से: चतरा जिला विधि शाखा प्रभारी विनय कुमार सहित जिले के विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता, अंचल अधिकारी, कनीय विधिक परामर्शदाता एवं समाहरणालय विधि शाखा के अन्य संबंधित मुख्य तकनीकी पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने उपायुक्त के निर्देशों का समय सीमा के भीतर पालन करने का कड़ा भरोसा दिलाया है।






















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