Home बिहार झारखंड देश-विदेश मनोरंजन खेल क्राइम शिक्षा राजनीति हेल्थ राशिफल
---Advertisement---

भ्रष्टाचार पर अदालत का ऐतिहासिक फैसला: अंचल कर्मी को 20 साल बाद मिली सजा; ₹500 की घूस पड़ी बेहद भारी

On: June 12, 2026 9:28 PM
Follow Us:
---Advertisement---
WhatsApp Group Join Now

एसीबी के विशेष न्यायाधीश की अदालत ने सुनाया फैसला; एक साल की सश्रम जेल और 15 हजार रुपये का लगा आर्थिक जुर्माना; म्यूटेशन के नाम पर मांगी थी रिश्वत

न्यूज स्केल लाइव

रांची/खूंटी: झारखंड में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के खिलाफ अदालती कार्रवाई का एक बड़ा और नजीर पेश करने वाला फैसला सामने आया है। एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की प्रतिष्ठित अदालत ने खूंटी अंचल कार्यालय के तत्कालीन राजस्व कर्मचारी सत्यनारायण राम को मात्र 500 रुपये की रिश्वत लेने के दो दशक पुराने मामले में विधिक रूप से दोषी करार दिया है।

अदालत ने आरोपी कर्मचारी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न कड़ी धाराओं के तहत दोषी पाते हुए पूरे 20 साल के लंबे कानूनी ट्रायल के बाद एक साल के कड़े कारावास (जेल) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायपीठ ने दोषी पर 15 हजार रुपये का नकद आर्थिक जुर्माना भी अधिरोपित किया है। अदालत ने अपने कड़े आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि दोषी कर्मचारी द्वारा जुर्माने की राशि का समय पर भुगतान नहीं किया जाता है, तो उसे छह माह की अतिरिक्त साधारण सजा काटनी होगी।

वर्ष 2006 का है घूसखोरी का यह मामला, म्यूटेशन के एवज में अटका रखी थी फाइल

आधिकारिक विधिक दस्तावेजों और प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंचल कर्मी सत्यनारायण राम पर रिश्वत लेने का यह संगीन मामला अविभाजित रांची और वर्तमान खूंटी जिले के दौर में वर्ष 2006 में दर्ज किया गया था। अभियुक्त सत्यनारायण राम पर सीधा आरोप था कि उसने एक स्थानीय रैयत (भुक्तभोगी) मो. नसीम खान से उनकी जमीन के म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) का सरकारी कागज आगे बढ़ाने और शुद्धि पत्र निर्गत करने के एवज में ₹500 की घूस मांगी थी।

पीड़ित मो. नसीम खान द्वारा रिश्वत की रकम देने में असमर्थता जताने पर आरोपी अंचल कर्मी ने उनके म्यूटेशन के कागजात को रद्दी की टोकरी में डाल दिया था और फाइल को आगे बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया था।

निगरानी विभाग का बड़ा धमाका: सवा लाख रुपये घूस लेते मुखिया रंगे हाथ गिरफ्तार; जनप्रतिनिधियों में मचा हड़कंप

परेशान होकर पीड़ित ने एसीबी से की थी शिकायत, जाल बिछाकर रंगेहाथ दबोचा गया था क्लर्क

भ्रष्ट व्यवस्था और कर्मचारी की रोज-रोज की प्रताड़ना से पूरी तरह परेशान होकर पीड़ित मो. नसीम खान ने तत्कालीन निगरानी ब्यूरो (अब एसीबी) के रांची मुख्यालय में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी की सतर्कता विंग ने अपने स्तर से मामले का गुप्त धरातलीय सत्यापन कराया, जिसमें अंचल कर्मी द्वारा घूस मांगे जाने का मामला शत-प्रतिशत सही पाया गया।

इसके बाद एसीबी की एक विशेष धावा दल (ट्रैपिंग टीम) ने अंचल कार्यालय में जाल बिछाया। जैसे ही पीड़ित ने ₹500 के केमिकल लगे नोट अंचल कर्मी सत्यनारायण राम को थमाए, वैसे ही घात लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने उसे रंगेहाथ धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद तत्कालीन समय में उसे जेल भेज दिया गया था और विभाग ने उसे निलंबित कर दिया था।

जमानत पर बाहर चल रहा था आरोपी, अदालत के फैसले से भ्रष्टाचारियों में हड़कंप

विधिक सूत्रों ने बताया कि जेल जाने के कुछ महीनों बाद अभियुक्त सत्यनारायण राम माननीय उच्च न्यायालय से सशर्त जमानत पाकर जेल से बाहर आ गया था और वर्तमान में बेल पर ही चल रहा था। इस दौरान खूंटी और रांची की विशेष एसीबी अदालत में पिछले 20 वर्षों से इस केस की गवाही और वैज्ञानिक साक्ष्यों का कड़ा परीक्षण चल रहा था।

बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों की दलीलें और एसीबी के लोक अभियोजक (PP) द्वारा प्रस्तुत किए गए पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाणों को देखने के बाद विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत ने आरोपी को दोषी पाते हुए सजा मुकर्रर कर दी। अदालत के इस फैसले के बाद कस्टडी वारंट तैयार कर दोषी को वापस जेल भेजने की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस ऐतिहासिक फैसले से खूंटी और चतरा के प्रशासनिक महकमों में कमीशनखोरी करने वाले बाबुओं के बीच भारी हड़कंप मच गया है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

बाल श्रम के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी विधिक कार्रवाई: पुलिस-प्रशासन और एलजीएसएस ने 13 बाल मजदूरों को कराया मुक्त

बाल श्रम के खिलाफ डीएलएसए की बड़ी विधिक मुहिम: सचिव के निर्देश पर गांवों में कानूनी जागरूकता शिविर; बच्चों से मजदूरी कराना संगीन अपराध

16 जून को हजारीबाग में जुटेगा प्रमंडल भर का जनसैलाब, आंदोलन की तैयारी तेज: संयुक्त शिष्टमंडल ने कमिश्नर, एसडीओ और थाना को सौंपा लिखित पत्र

प्रखंडों में पीएम आवास प्लस को लेकर महा-ग्रामसभा: 2000 से अधिक लाभुकों का हुआ सत्यापन; अपात्रों के नाम काटने का प्रस्ताव

हायवा वाहन मालिकों की हुंकार: बाहरी टिप ट्रेलरों के परिचालन के खिलाफ सड़क पर उतरकर बड़े आंदोलन का निर्णय; ट्रांसपोर्टरों को दो टूक

सीपीआई(एम) का विशाल जन-आक्रोश मार्च: सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रखंड कार्यालय का किया घेराव; न्यूनतम मजदूरी ₹600 करने और वन भूमि पट्टे की उठी पुरजोर मांग

3 पीढ़ियों से बंद रास्ता 11 दिनों में हुआ अतिक्रमण मुक्त; स्कूल परिसर से गुजरने को मजबूर थे ग्रामीण

उपायुक्त का कड़ा रुख: हाईकोर्ट और लोकायुक्त में लंबित मामलों की समीक्षा; कहा— अदालती आदेशों पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं

चतरा पहुंचे आईजी: शहीद विनय भारती को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

हाइवा की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की मौत, एक गंभीर

उपायुक्त ने सेंट्रलाइज्ड किचेन एवं डायट का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के दिए निर्देश

जीमा डेयरी यूनिट में उत्पादन डेढ़ माह के अंदर प्रारंभ करें : संदीप कुमार मीना

Leave a Comment