पदभार ग्रहण करने के बाद आईजी का पहला दौरा; एसपी, डीएसपी और एसडीपीओ समेत पुलिस पदाधिकारी रहे मौजूद; थानों में प्राइवेट चालकों को रखने पर बोले— ‘कमी के कारण यह पुलिस की मजबूरी’
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
चतरा: बोकारो रेंज के नवनियुक्त पुलिस महानिरीक्षक (IG) शैलेंद्र कुमार सिन्हा अपने एक दिवसीय आधिकारिक संगठनात्मक दौरे पर शुक्रवार को चतरा जिला मुख्यालय पहुंचे। आईजी का पदभार ग्रहण करने के बाद चतरा जिले का यह उनका पहला अत्यंत महत्वपूर्ण दौरा था। चतरा समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) परिसर पहुंचने पर जिला पुलिस बल के जांबाज जवानों द्वारा उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ (सलामी) दिया गया।
इसके पश्चात आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा सीधे पुलिस लाइन परिसर स्थित शहीद पार्क पहुंचे, जहाँ उन्होंने देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीद विनय भारती की आदमकद प्रतिमा पर श्रद्धापूर्वक माल्यार्पण किया और उन्हें कड़ा नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
थाना प्रभारियों और सर्किल इंस्पेक्टरों की लगी क्लास, पेंडिंग केसों पर दिए कड़े निर्देश
औपचारिक कार्यक्रमों के समापन के बाद आईजी ने समाहरणालय स्थित मुख्य सभागार में जिले के सभी वरीय पुलिस पदाधिकारियों, सर्किल इंस्पेक्टरों और सभी थानों के थाना प्रभारियों के साथ एक कड़ी व उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस हाई-लेवल बैठक में जिले की समग्र कानून व्यवस्था, उग्रवाद नियंत्रण, थानों की दैनिक कार्यप्रणाली और विभिन्न संगीन मामलों में लंबे समय से लंबित (पेंडिंग) कांडों के त्वरित व विधिक निष्पादन पर बिंदुवार विस्तृत चर्चा की गई।
आईजी ने कड़े लहजे में सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि थानों में आने वाले सीधे-साधे ग्रामीण फरियादियों के साथ पुलिस मित्रवत व्यवहार करे और अपराधियों व अवैध धंधेबाजों के खिलाफ बिना किसी दबाव के कानून का कड़ा चाबुक चलाए।
प्रशासनिक फेरबदल के बाद विधि व्यवस्था को सुदृढ़ करना मुख्य उद्देश्य: आईजी
समीक्षा बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि हाल ही में हुए व्यापक प्रशासनिक फेरबदल के बाद चतरा जिले में कई नए पुलिस अधिकारियों की पदस्थापना हुई है। ऐसे में धरातल पर काम कर रहे इन नए अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से परिचय करना और चतरा जैसे संवेदनशील सीमावर्ती जिले की विधि व्यवस्था (लॉ एंड ऑर्डर) को और अधिक चाक-चौबंद व सुदृढ़ करना ही इस एक दिवसीय दौरे का मुख्य और प्राथमिक उद्देश्य था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिसिंग को पूरी तरह से पारदर्शी और आम जनता के लिए सुलभ बनाया जाएगा, ताकि अपराध पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
थानों में प्राइवेट ड्राइवरों की तैनाती पर आईजी ने स्वीकारी विधिक लाचारी
प्रेस वार्ता के दौरान जब मीडिया कर्मियों द्वारा थानों में पुलिस वाहनों के परिचालन के लिए भारी संख्या में ‘प्राइवेट चालकों’ (निजी ड्राइवरों) को रखे जाने और इससे गोपनीयता भंग होने की आशंकाओं पर तीखा सवाल पूछा गया, तो आईजी ने पुलिस महकमे की इस विधिक लाचारी को पूरी तरह से स्वीकार किया।
उन्होंने बेहद बेबाकी से कहा कि वर्तमान में पुलिस बल के भीतर सरकारी चालकों की भारी और अप्रत्याशित कमी बनी हुई है। इसी मानव बल की कमी के कारण कानून व्यवस्था और गश्ती दल के वाहनों को सुचारू रूप से संचालित रखने के लिए स्थानीय स्तर पर निजी चालकों की सेवाएं लेना चतरा पुलिस ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य के पुलिस महकमे की एक बड़ी प्रशासनिक मजबूरी है।
समीक्षा बैठक के दौरान ये मुख्य आला पुलिस अधिकारी रहे उपस्थित
चतरा समाहरणालय के मुख्य सभागार में आयोजित इस हाई-प्रोफाइल और कड़क पुलिस बैठक के ऐतिहासिक मौके पर मुख्य रूप से: चतरा के पुलिस अधीक्षक (SP) अनिमेष नैथानी, डीएसपी (DSP) सुनील कुमार सिंह, चतरा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सन्नी वर्धन, सिमरिया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) नागरगोजे शुभम भाऊ साहेब सहित जिले के सभी पुलिस निरीक्षक (सर्किल इंस्पेक्टर), सभी थानों के थाना प्रभारी एवं अन्य वरीय पुलिस पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने आईजी द्वारा दिए गए कड़े दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने का संकल्प लिया।





















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