हेसल साइडिंग की बदहाली से ट्रक मालिकों में भारी आक्रोश, पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू से लगाई मदद की गुहार
लोहरदगा: पाखर लोहरदगा ट्रक ऑनर एसोसिएशन ने हेसल साइडिंग की अव्यवस्था और इसके कारण ट्रक मालिकों को हो रहे भारी आर्थिक नुकसान पर गहरी चिंता जताई है। सोमवार को बड़ा तालाब स्थित साहू धर्मशाला में एसोसिएशन के अध्यक्ष आरिफ हुसैन बब्लू की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सैकड़ों ट्रक मालिकों ने हिस्सा लिया।
प्रमुख समस्या: जगह का अभाव और वर्षों से जमा डस्ट
बैठक में वक्ताओं ने बताया कि हिंडालको कंपनी की हेसल साइडिंग (संचालित: BKB कंपनी) में वर्तमान में कुजाम, अमतिपानी, चिरूडीह, सेरंगदाग और पाखर जैसी पांच बड़ी माइंसों से प्रतिदिन भारी मात्रा में बॉक्साइट अनलोडिंग की जा रही है। साइडिंग की क्षमता पहले से ही सीमित है, ऊपर से वहां वर्षों से बॉक्साइट क्रेशिंग से निकला डस्ट और चूरा जमा पड़ा है। इस डस्ट ने साइडिंग की आधी से ज्यादा जगह घेर ली है, जिससे ट्रकों को अनलोडिंग के लिए घंटों, और कभी-कभी कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है।
आर्थिक संकट की कगार पर ट्रक मालिक
एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि ट्रकों के खड़े रहने के कारण मालिक आर्थिक रूप से टूट रहे हैं।
बैंक किश्त और फाइनेंस: काम न होने के बावजूद बैंक और फाइनेंस कंपनियों का दबाव बना हुआ है।
बढ़ता खर्च: डीजल, टैक्स, वाहन रखरखाव और ड्राइवर-खलासी के खर्च ने मालिकों की कमर तोड़ दी है।
रोजी-रोटी का संकट: कई परिवारों के सामने अब भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
बरसात में और बिगड़ेंगे हालात
बैठक में यह भी कहा गया कि अभी मौसम सामान्य होने पर भी स्थिति दयनीय है। आने वाली वर्षा ऋतु में साइडिंग में कीचड़ और जलजमाव के कारण अनलोडिंग पूरी तरह ठप हो सकती है, जिससे स्थिति और भी भयावह हो जाएगी।
एसोसिएशन की मुख्य मांगें:
डस्ट का निष्पादन: साइडिंग में वर्षों से जमा डस्ट और चूरे को तत्काल हटाया जाए ताकि अनलोडिंग के लिए पर्याप्त जगह मिल सके।
लोहरदगा साइडिंग की बहाली: संगठन ने मांग की कि वर्तमान हेसल साइडिंग के बजाय पूर्व की लोहरदगा साइडिंग में अनलोडिंग की व्यवस्था फिर से शुरू की जाए, क्योंकि वहां आधारभूत सुविधाएं और जगह बेहतर है।
हस्तक्षेप की मांग: संगठन ने निर्णय लिया कि इन समस्याओं को लेकर एसोसिएशन के संरक्षक और पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू से मुलाकात कर उनसे हस्तक्षेप की मांग की जाएगी। साथ ही जिला प्रशासन से भी तत्काल कार्रवाई की अपील की गई है।
अल्टीमेटम: एसोसिएशन के सदस्यों ने स्पष्ट कहा कि यदि कंपनी प्रबंधन और प्रशासन ने जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो ट्रक मालिक उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे





















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