लोहरदगा। स्थानीय शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर में शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर एक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भगवान बुद्ध के शांति, करुणा और ‘मध्यम मार्ग’ के सिद्धांतों से अवगत कराना था।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ बुद्ध प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ हुआ। मंत्रोच्चार और श्रद्धापूर्ण वातावरण ने पूरे विद्यालय परिसर को एक नई ऊर्जा से भर दिया। इस अवसर पर विद्यालय के भैया-बहनों ने भगवान बुद्ध के जीवन दर्शन और उनके महान त्याग पर अपने विचार साझा किए।
कक्षा दशम की छात्रा आयुषी ने अत्यंत सरल और भावपूर्ण शैली में भगवान बुद्ध की जीवनी का वर्णन कर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं, विद्यालय की अनीता दीदी ने अपने व्याख्यान में बुद्ध के सिद्धांतों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे बुद्ध के विचार आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक शांति का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री बिपिन कुमार दास ने अपने संबोधन में कहा,”भगवान बुद्ध का जीवन हमें सत्य, अहिंसा और करुणा के मार्ग पर चलने की निरंतर प्रेरणा देता है। प्रत्येक विद्यार्थी को उनके विचारों को अपने जीवन में आत्मसात कर एक आदर्श और अनुशासित नागरिक बनने का संकल्प लेना चाहिए।”
इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य रूप से जया मिश्रा, श्यामसुंदर कुमार, राजीव कुमार सिंह, श्वेत संदेश सहित विद्यालय के सभी आचार्य-दीदी जी एवं समस्त कर्मचारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र और सद्भाव के संदेश के साथ हुआ।




















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