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ग्रामीणों के तीखे तेवर के बाद प्रशासन हरकत में, कार्रवाई के निर्देश
टंडवा (चतरा)। एनटीपीसी की चट्टी बारियातु कोल खनन परियोजना से उत्पादित कोयले की ढुलाई के लिए गोपदा से टंडवा-सिमरिया मुख्य सड़क तक प्रस्तावित ट्रांसपोर्टिंग सड़क निर्माण कार्य अब विरोध के कारण संकट में पड़ता दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों के तीखे विरोध और जताई गई आपत्तियों के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी मामला गंभीर हो गया है। जानकारी के अनुसार अपर समाहर्ता ने ज्ञापांक 892, दिनांक 25 अप्रैल के माध्यम से अंचल अधिकारी टंडवा, एसडीओ सिमरिया तथा केरेडारी कोल परियोजना के जीएम को समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। विदित हो कि पिछले दिनों ग्रामीणों ने सड़क निर्माण का विरोध करते हुए संवेदक जय अंबे रोड लाइंस (जेएआरएल) एवं उसके सहयोगियों के खिलाफ नारेबाजी की थी और पुतला दहन कर आक्रोश जताया था। ग्रामीणों ने उपायुक्त चतरा को ज्ञापन सौंपकर कहा था कि मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, बावजूद इसके सफेदपोशों और बिचौलियों की सांठगांठ से निर्माण कार्य कराने की कोशिश की जा रही है, जो अनुचित है। ग्रामीणों ने आवेदन में सड़क निर्माण से जनजीवन पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की भी जानकारी दी थी। उनका कहना है कि इस सड़क से क्षेत्र में धूल, प्रदूषण, दुर्घटना और अन्य समस्याएं बढ़ सकती हैं। फिलहाल अब ग्रामीणों की नजरें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। सूत्रों की मानें तो करोड़ों रुपये की इस प्रस्तावित सड़क निर्माण योजना में जेएआरएल और नकास नामक दो कंपनियां ग्रामीणों को अपने पक्ष में करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। बहरहाल, ग्रामीणों के सख्त रुख और न्यायालय में लंबित मामले ने निर्माण कार्य से जुड़े लोगों की योजनाओं पर फिलहाल बड़ा ग्रहण लगा दिया है।





















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