मामूली टक्कर से भड़की हिंसा: 20 लोगों की भीड़ ने चौकी घेरकर किया बवाल, पुलिस ने लिया सख्त एक्शन
मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश): शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित एक पुलिस चौकी में बुधवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कुछ लोगों ने चौकी में घुसकर पुलिसकर्मियों पर ही हमला बोल दिया। इस सनसनीखेज घटना में एक सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि दरोगा की वर्दी तक फाड़ दी गई। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। मिली जानकारी के अनुसार, रात करीब 10:30 बजे सूचना आयोग के पास एक युवक को ई-रिक्शा से हल्की टक्कर लग गई। इस मामूली बात पर विवाद इतना बढ़ गया कि युवक के साथ मौजूद 5-6 लोगों ने रिक्शा चालक गुड्डू सरदार को सड़क पर ही पीटना शुरू कर दिया। शोर सुनकर मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह चालक को बचाया और दोनों पक्षों को चौकी ले आई।
लेकिन चौकी पहुंचने के बाद मामला शांत होने के बजाय और भड़क गया। हेड कांस्टेबल कमलेश पासवान ने रिक्शा चालक को सुरक्षित रखने के लिए एक कमरे में बंद कर दिया, तभी युवक पक्ष ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया। देखते ही देखते करीब 15-20 लोग चौकी के बाहर जमा हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति उस वक्त विस्फोटक हो गई जब भीड़ में शामिल एक व्यक्ति वीडियो बना रहा था और पुलिसकर्मी ने उसका मोबाइल छीन लिया। इससे नाराज भीड़ अचानक उग्र हो गई और चौकी पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने सिपाही कमलेश पासवान को पकड़कर बेरहमी से पीटा, उन्हें जमीन पर घसीटा गया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और खून बहने लगा।
बीच-बचाव करने पहुंचे चौकी प्रभारी मनोज कुमार राय को भी भीड़ ने नहीं छोड़ा। उनकी वर्दी फाड़ दी गई और बैज तक नोच लिया गया। हमलावरों ने चौकी में तोड़फोड़ करते हुए मोबाइल फोन भी क्षतिग्रस्त कर दिए। करीब डेढ़ घंटे तक चौकी परिसर में अराजकता का माहौल बना रहा। घटना की सूचना मिलते ही अपर कोतवाल दयाशंकर ओझा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को काबू में किया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें एक वकील ललित तिवारी का नाम भी सामने आया है। घायल सिपाही को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चौकी में घुसकर हमला करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, इस घटना ने कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस भी छेड़ दी है। सुभासपा प्रमुख एवं मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बयान देते हुए कहा कि हमलावरों के संबंध विपक्षी दल से हो सकते हैं। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि जब पुलिस चौकी जैसी जगह सुरक्षित नहीं, तो आम जनता की सुरक्षा कितनी मजबूत है—अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।




















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