पोक्सो (POCSO) न्यायालय ने सुनाया अहम फैसला, मेला देखकर लौट रही दो बच्चियों के साथ हुई थी दरिंदगी, जुर्माना न देने पर भुगतनी होगी अतिरिक्त जेल
गुमला, News Scale Live: झारखंड के गुमला जिले से न्यायपालिका का एक अहम और सुकून देने वाला फैसला सामने आया है। गुमला के विशेष पोक्सो न्यायालय (एडीजे-1) के न्यायाधीश प्रेम शंकर की अदालत ने बुधवार को वर्ष 2017 के एक चर्चित और जघन्य मामले में अपना फैसला सुना दिया है। अदालत ने इस मामले में घटना के समय नाबालिग रहे सातवें आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल के सश्रम कारावास (कठोर सजा) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 10 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे छह महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। लोक अभियोजक अजय रजक ने अदालत में सरकार का पक्ष मजबूती के साथ रखा।
यह दर्दनाक मामला साल 2017 का है। गांव में मेला देखकर लौट रही दो सहेलियों को रास्ते में आरोपियों ने घेर लिया था। उन्होंने बच्चियों को डराया-धमकाया और एक सुनसान जगह पर ले जाकर उनके साथ सामूहिक दरिंदगी की वारदात को अंजाम दिया था। जब डरी-सहमी बच्चियों ने घर पहुंचकर अपने परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई, तब पुलिस ने मामले में प्राथमिकता (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की थी। इस गंभीर मामले में कुल सात युवक शामिल थे। इनमें से छह बालिग आरोपियों को अदालत पहले ही उनके जुर्म की सजा सुना चुकी है। लेकिन जिस सातवें आरोपी को अब सजा मिली है, वह घटना के समय नाबालिग (18 साल से कम) था।
उस समय उसे बाल सुधार गृह भेजा गया था। लेकिन वहां से जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया और कभी न्यायालय की सुनवाई में शामिल नहीं हुआ। पिछले नौ वर्षों से इस मामले की सुनवाई चल रही थी। चूंकि अब उसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक हो चुकी है, इसलिए अदालत ने गवाहों और पक्के सबूतों के आधार पर सुनवाई पूरी करते हुए उसे 20 साल की यह कड़ी सजा मुकर्रर की है। इस फैसले से समाज में यह कड़ा संदेश गया है कि अपराधी चाहे जो भी हो, कानून के हाथ उस तक पहुंच ही जाते हैं।






















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