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जगन्नाथ मंदिर मर्डर केस का पर्दाफाश: चोरी का राज खुलने के डर से गार्ड को पत्थर से कूच डाला; 3 लाख कैश के साथ 3 गिरफ्तार!

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मंदिर से दान पेटी तोड़कर की गई थी लाखों की चोरी, वारदात के बाद लूटे गए पैसों से खरीदे नए कपड़े, खून से सना पत्थर बरामद, SSP राकेश रंजन ने किया बड़ा खुलासा

रांची, न्यूज स्केल डेस्क: झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर परिसर में 24 अप्रैल को हुई सुरक्षा गार्ड की हत्या और लाखों रुपये की चोरी के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर बड़ा खुलासा कर दिया है। चोरी करने के इरादे से घुसे स्थानीय युवकों ने पहचान लिए जाने के डर से सुरक्षा गार्ड बिरसा मुंडा की बेरहमी से हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और लूटे गए पैसों की बड़ी खेप बरामद कर ली है। रांची के एसएसपी (SSP) राकेश रंजन ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले की जानकारी दी।

एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान देव कुमार उर्फ रचित कुमार, विकास महली और आयुष कुमार दत्ता के रूप में हुई है। ये तीनों जगन्नाथपुर के न्यू कॉलोनी इलाके (मंदिर के पास की बस्ती) के ही रहने वाले हैं। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूलते हुए बताया कि वे मंदिर में सिर्फ दान पेटी चोरी करने के इरादे से घुसे थे। इसी दौरान वहां तैनात सुरक्षा गार्ड बिरसा मुंडा जाग गए और उन्होंने इन स्थानीय युवकों को पहचान लिया। आरोपियों को लगा कि अब उनका राज खुल जाएगा और वे जेल जाएंगे। इसी डर और घबराहट में उन्होंने बिरसा मुंडा के सिर पर भारी पत्थर से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे गंभीर चोट लगने के कारण मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।

गार्ड की हत्या करने के बाद बेखौफ अपराधियों ने इत्मीनान से मंदिर की दान पेटी का ताला तोड़ा और उसमें रखी नकदी लेकर फरार हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस को गुमराह करने और शक से बचने के लिए उन्होंने लूटे गए पैसों से अपने लिए नए कपड़े भी खरीदे। आस्था के केंद्र में हुई इस वारदात से पूरे इलाके में भारी आक्रोश था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने सिटी एसपी पारस राणा के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया। एसआईटी ने मंदिर और आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और मुखबिरों को एक्टिव किया। इसी कड़ी में पुलिस को इन तीनों संदिग्धों का सुराग मिला और उन्हें धर दबोचा गया।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर ये किया बरामद:

जांच में यह बात भी सामने आई है कि मुख्य आरोपी देव कुमार उर्फ रचित कुमार एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ जगन्नाथपुर, पुंदाग, विधानसभा और धुर्वा थाने में चोरी समेत कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। वहीं, दूसरे आरोपी विकास महली के खिलाफ सुखदेव नगर थाने में पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज है। पुलिस इन सभी को रिमांड पर लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

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