लोहरदगा: शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर में नए शैक्षणिक सत्र के अवसर पर नवीन भैया-बहनों के स्वागत हेतु एक भव्य ‘अभिनंदन समारोह’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की गरिमा भारतीय परंपरा के अनुरूप वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ स्थापित की गई।
विद्यालय के पुराने विद्यार्थियों ने नए साथियों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान भैया-बहनों द्वारा प्रस्तुत किए गए सुमधुर स्वागत गीतों ने पूरे परिसर को उत्साह और उल्लास से भर दिया।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य बिपिन कुमार दास ने कहा, “विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र मात्र नहीं है, बल्कि यह संस्कार और सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण का श्रेष्ठ स्थान है।” उन्होंने नवागंतुक विद्यार्थियों को अनुशासन, कठिन परिश्रम और नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में श्यामसुंदर कुमार ने अपने संबोधन में महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि “विद्या मंदिर विद्यालय केवल शिक्षा का नहीं, बल्कि संस्कारों का मंदिर है। इस प्रांगण में आने वाले हर विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास हमारी प्राथमिकता है।”
समारोह के दौरान नए नामांकित विद्यार्थियों के बीच मिष्ठान वितरण किया गया और उन्हें विद्यालय की समृद्ध परंपराओं एवं नियमों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का सफल समापन मंगल गीत और आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के सभी आचार्य, दीदी जी और भैया-बहन सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।



















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