पुलिस मुख्यालय से 8 अफीम प्रभावित जिलों के SP के साथ हाई लेवल मीटिंग, ADG (CID) ने कहा- त्वरित गति से हो मामलों का निष्पादन, वैकल्पिक खेती के लिए किसानों को करें जागरूक
रांची (झारखंड), न्यूज स्केल डेस्क: झारखंड में अवैध अफीम (Opium) की खेती और मादक पदार्थों की तस्करी पर पूर्ण रूप से लगाम कसने के लिए पुलिस मुख्यालय ने कमर कस ली है। बुधवार, 22 अप्रैल 2026 को पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में झारखंड की पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्र की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में अफीम की खेती से सबसे ज्यादा प्रभावित 8 जिलों— रांची, चतरा, पलामू, चाईबासा, हजारीबाग, लातेहार, सरायकेला-खरसावां और खूंटी— के पुलिस अधीक्षकों (SP) ने हिस्सा लिया और आगे की रणनीति तय की गई।
बड़े तस्करों की पहचान और PIT NDPS के तहत कार्रवाई का निर्देश समीक्षा के दौरान DGP तदाशा मिश्र ने पिछले फसलीय वर्ष 2025-2026 में अफीम की खेती के विनष्टिकरण (नष्ट करने) के आंकड़ों और दर्ज किए गए कांडों की अद्यतन स्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा:
अवैध अफीम की खेती में संलिप्त बड़े तस्करों और सिंडिकेट की पहचान कर उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
आदतन तस्करों पर PIT NDPS Act (नारकोटिक्स ड्रग्स से जुड़े अपराधों में प्रिवेंटिव डिटेंशन) के तहत प्रस्ताव तैयार कर सख्त एक्शन लिया जाए।
जिला स्तरीय NCORD (नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर) की बैठकों को नियमित और प्रभावी बनाया जाए।
अब ‘सैटेलाइट इमेज’ से होगी अफीम के खेतों की पहचान
बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक (ADG – CID) मनोज कौशिक ने अफीम की खेती पर लगाम लगाने के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि:
संबंधित एजेंसियों के साथ आपसी समन्वय स्थापित कर सैटेलाइट इमेज (Satellite Image) की मदद ली जाए, ताकि जंगलों और सुदूर इलाकों में छिपकर की जा रही अफीम की खेती को सटीक रूप से चिह्नित कर नष्ट किया जा सके।
जब्त की गई अफीम का नियमानुसार तुरंत विनष्टिकरण (Disposal) कराया जाए।
अफीम से जुड़े मामलों में ठोस वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित कर कांडों का त्वरित गति से निष्पादन सुनिश्चित हो।
वैकल्पिक खेती और जागरूकता पर जोर
पुलिस अधिकारियों को केवल कार्रवाई तक सीमित न रहकर आम जनता को जागरूक करने का भी निर्देश दिया गया। DGP ने कहा कि अफीम की खेती के विरुद्ध ग्रामीण स्तर पर सघन जागरूकता अभियान चलाया जाए और किसानों को सरकार की योजनाओं से जोड़कर ‘वैकल्पिक खेती’ (Alternative Farming) के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस मुख्यालय से ADG (CID) मनोज कौशिक और SP (CID) पुज्य प्रकाश भौतिक रूप से उपस्थित रहे। वहीं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पलामू, चाईबासा और हजारीबाग के क्षेत्रीय पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) के साथ-साथ रांची, चतरा, पलामू, पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा), हजारीबाग, लातेहार, सरायकेला-खरसावां और खूंटी के SP उपस्थित रहे।
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