सेफ्टी में लापरवाही का आरोप, मुआवजा व सुविधाओं की मांग को लेकर सड़क जाम
रामगढ़, ब्यूरो। रामगढ़ जिले के हेसला-अरगड़ा स्थित झारखंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड कारखाना में सोमवार तड़के करीब 4:40 बजे बड़ा हादसा हो गया। नए भट्ठी संख्या 4-डीटू में अचानक विस्फोट होने से आग की तेज लपटें उठीं और वहां काम कर रहे मजदूरों में अफरातफरी मच गई। इस हादसे में स्पंज आयरन जलाने के कार्य में लगे 9 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों में अशोक बेदिया, राजू झा, ब्रजलाल बेदिया, अखिलेश राय, छोटे साव, रामबल्लभ यादव, श्यामदेव, सुरेश बेदिया और महेश महतो शामिल हैं। सभी घायलों को पहले रांची रोड स्थित होप अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए रांची के देवकमल अस्पताल भेजा गया। इलाज के दौरान अशोक बेदिया की मौत हो गई, जबकि अन्य घायलों का उपचार जारी है।
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घटना के बाद आक्रोशित मजदूरों और स्थानीय लोगों ने कारखाना गेट जाम कर दिया और गिद्दी-नईसराय मार्ग को अवरुद्ध कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। मांडू विधायक निर्मल महतो ने कारखाना प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सुरक्षा संसाधनों की कमी के कारण यह हादसा हुआ है। वहीं रामगढ़ विधायक ममता देवी ने कहा कि कारखाना में लगातार सुरक्षा नियमों की अनदेखी और एंबुलेंस की कमी गंभीर चिंता का विषय है।
प्रदर्शनकारियों ने 9 सूत्री मांग पत्र सौंपते हुए मृतक के आश्रित को एक करोड़ रुपये मुआवजा, एक सदस्य को नौकरी, घायलों का बेहतर इलाज, न्यूनतम मजदूरी, पीएफ-ईएसआई सुविधा, 8 घंटे कार्य अवधि तथा कारखाना में 24 घंटे एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंच गए और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है तथा प्रबंधन और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता की कोशिश की जा रही है।






















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