चार दिन तक रची गई साजिश, पांचवें दिन टूटा राज — पुलिस ने पिता-पुत्र को किया गिरफ्तार
राजधानी रांची के रातू थाना क्षेत्र अंतर्गत झखराटांड़ से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 13 वर्षीय बच्ची की हत्या कर उसके शव को गुप्त रूप से ठिकाने लगाने की साजिश रची गई। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि बच्ची की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके मुंहबोले भाई ने ही की थी। जानकारी के अनुसार, बच्ची 13 मार्च की रात से लापता थी। परिवार द्वारा लगातार गुमराह करने वाली बातें सामने आने के बाद ग्रामीणों को शक हुआ, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। जांच तेज होने पर इस सनसनीखेज घटना का पर्दाफाश हुआ।
हत्या के बाद रची गई पूरी साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना की रात आरोपी राहुल उर्फ अक्षय ने बच्ची का गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए परिजनों की मदद से शव को एंबुलेंस के जरिए गयाजी ले जाकर गुप्त रूप से अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना को छिपाने के लिए परिवार ने कई दिनों तक बच्ची के गायब होने की कहानी गढ़ी। यहां तक कि लोगों को भ्रमित करने के लिए बंद कमरे में गरुड़ पुराण का पाठ भी कराया गया, ताकि किसी को संदेह न हो।
पुलिस की सख्ती से टूटा झूठ का जाल
ग्रामीणों के संदेह के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। लगातार पूछताछ के दौरान आरोपी ने पांचवें दिन अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी सुबोध पाठक और उसके पुत्र अक्षय पाठक को गिरफ्तार कर लिया। मामले में एंबुलेंस चालक से भी पूछताछ की गई है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश में छापेमारी जारी है। घटना में प्रयुक्त एंबुलेंस को भी जब्त कर लिया गया है।
पारिवारिक विवाद और रिश्तों में तनाव बना वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि घटना के पीछे पारिवारिक विवाद और आपसी तनाव मुख्य कारण था। बताया जा रहा है कि घटना की रात घर में विवाद हुआ था, जिसमें बच्ची ने एक पक्ष का समर्थन किया, जिससे आरोपी नाराज हो गया और उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
मृत बच्ची राजनंदिनी मूल रूप से बिहार के औरंगाबाद जिले की रहने वाली थी। पारिवारिक परिस्थितियों के कारण वह पिछले कई वर्षों से आरोपी के घर में रह रही थी और उसी परिवार को अपना मान चुकी थी।घटना के खुलासे के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि इस मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में रिश्तों की गिरती संवेदनशीलता को भी उजागर करती है। जिस घर को बच्ची ने अपना सहारा समझा, वहीं उसकी जिंदगी खत्म कर दी गई—यह सच्चाई हर किसी को झकझोर कर रख देती है।






















Total Users : 890291
Total views : 2623101