Home बिहार झारखंड देश-विदेश मनोरंजन खेल क्राइम शिक्षा राजनीति हेल्थ राशिफल
---Advertisement---

बिना चीरा-टांका: होम्योपैथी से असाध्य रोगों और सर्जरी वाली बीमारियों का स्थायी समाधान

On: April 6, 2026 12:04 AM
Follow Us:
---Advertisement---
WhatsApp Group Join Now

न्यूज स्केल डेस्क: चिकित्सा जगत में जहां आधुनिक पद्धतियां तेजी से विकसित हो रही हैं, वहीं 200 वर्षों से अधिक पुरानी ‘होम्योपैथी’ आज भी भरोसे का केंद्र बनी हुई है। अक्सर लोग इसे केवल छोटी-मोटी बीमारियों का विकल्प मानते हैं, लेकिन सच यह है कि यह पद्धति उन जटिल रोगों को भी जड़ से मिटाने की क्षमता रखती है जिनमें डॉक्टर सर्जरी (Operation) की सलाह देते हैं। जर्मनी से शुरू हुआ यह सफर आज घर-घर तक पहुँच चुका है। ‘न्यूज स्केल’ की इस विशेष रिपोर्ट में जानिए कैसे होम्योपैथी जन्मजात विकारों से लेकर उन बीमारियों का भी इलाज करती है, जो ऑपरेशन के दहलीज पर खड़ी होती हैं।

होम्योपैथी का उदय: 200 वर्षों का अटूट विश्वास

होम्योपैथी चिकित्सा की खोज 1796 में जर्मनी के डॉ. सैमुअल हैनीमैन ने की थी। आज इस पद्धति को लगभग 230 वर्ष हो चुके हैं। यह ‘समानता के सिद्धांत’ (Like Cures Like) पर काम करती है। डॉ. हैनीमैन का मानना था कि शरीर के भीतर खुद को ठीक करने की अद्भुत शक्ति होती है, जिसे होम्योपैथी दवाएं सक्रिय कर देती हैं।

कई ऐसी बीमारियां हैं जिन्हें एलोपैथी में केवल सर्जरी के माध्यम से ठीक किया जा सकता है, लेकिन होम्योपैथी उन्हें दवाओं से गलाने या ठीक करने का विकल्प देती है:

  • पथरी (Calculi): गुर्दे (Kidney) और कुछ मामलों में पित्त की थैली की शुरुआती पथरी को दवाओं से गलाकर निकाला जा सकता है।

  • मस्से और गांठे (Warts & Cysts): बिना किसी कट या दाग के शरीर की बाहरी और आंतरिक गांठों को सुखाया जा सकता है।

  • पाइल्स (Hemorrhoids): बवासीर और फिशर जैसे रोगों में ऑपरेशन के बाद भी दोबारा होने का खतरा रहता है, जबकि होम्योपैथी इसे जड़ से ठीक करने का प्रयास करती है।

  • टॉन्सिल्स और एडेनोइड्स: बच्चों में बढ़े हुए टॉन्सिल्स का इलाज बिना गले का ऑपरेशन किए संभव है।

जन्मजात बीमारियों का उपचार

क्या जन्म से होने वाली बीमारियों (Congenital Diseases) का इलाज मुमकिन है? विशेषज्ञों के अनुसार, होम्योपैथी बच्चों की जीवनी शक्ति (Vital Force) को बढ़ाती है।

  1. जेनेटिक टेंडेंसी: यदि माता-पिता को कोई गंभीर बीमारी है, तो गर्भावस्था के दौरान सही उपचार से बच्चे में उस रोग के आने के जोखिम को कम किया जा सकता है।

  2. डेवलपमेंटल डिले: बच्चों का देर से बोलना, देर से चलना या शारीरिक मानसिक विकास धीमा होने पर यह पद्धति चमत्कारिक परिणाम देती है।

होम्योपैथी में इलाज का एक वैज्ञानिक क्रम होता है:

  1. केस टेकिंग: सबसे पहले मरीज की केवल बीमारी नहीं, बल्कि उसका स्वभाव, पसंद-नापसंद और पारिवारिक इतिहास समझा जाता है।

  2. दवा का चयन: लक्षणों के आधार पर व्यक्ति के लिए विशिष्ट (Individualized) दवा चुनी जाती है।

  3. रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity): दवा सीधे अंगों पर काम करने के बजाय शरीर की ‘वाइटल फोर्स’ को उत्तेजित करती है, जिससे शरीर खुद बीमारी को बाहर निकाल देता है।

होम्योपैथी केवल मीठी गोलियां नहीं, बल्कि एक गहरी विज्ञान सम्मत चिकित्सा पद्धति है। यह न केवल वर्तमान बीमारी को ठीक करती है, बल्कि भविष्य में होने वाले रोगों के प्रति भी शरीर को सुरक्षित बनाती है।

नोट विशेष: होम्योपैथिक दवाओं का सेवन हमेशा एक योग्य और पंजीकृत होम्योपैथिक चिकित्सक के परामर्श पर ही करना चाहिए। दवा की खुराक और शक्ति (Potency) हर मरीज के लिए अलग हो सकती है।

औषधीय गुणों से भरपूर आम के पत्ते, सेहत के लिए वरदान…

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

खनन विभाग में महाघोटाला! पत्थर कारोबारी ने जिला खनन पदाधिकारी के खिलाफ खोला मोर्चा; फर्जी चालान से ₹18 करोड़ गबन का आरोप

सीएचसी में डालसा का जागरूकता शिविर: प्रोजेक्ट एनटीसीपी के तहत ग्रामीणों को दी गई तंबाकू नियंत्रण कानूनों की जानकारी

बहुजन आर्मी की समीक्षा बैठक संपन्न: बाबा साहब के विचारों से प्रभावित होकर सैकड़ों युवाओं ने ली सदस्यता

भंडरा: जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से तंग आकर ग्रामीणों ने खुद संभाला मोर्चा, श्रमदान कर बना डाली सड़क

भंडरा: नंदनी डैम के समीप ध्वस्त हुई पीसीसी सड़क, बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण; झामुमो नेताओं ने किया निरीक्षण

महुआडांड (लातेहार) के निवासी 41 वर्षीय ओम प्रकाश 30 मई से हैं लापता, लोहरदगा थाने में सन्हा दर्ज, तलाश तेज

दि आर्ट ऑफ लिविंग का भव्य प्रतिनिधि सम्मेलन: 250 प्रतिनिधियों को अंगवस्त्र व सामूहिक भोज से किया गया सम्मानित

डालसा की बड़ी पहल: विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर जागरूकता शिविर, सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान को लेकर दी कानूनी जानकारी

रोड पर पलटा कोयला लदा हाईवा: खोटाही पुल के पास टला बड़ा हादसा, बाल-बाल बचा चालक

तनाव के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई: डैम से प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष मिलने पर सड़क जाम, 2 घंटे में दो आरोपी गिरफ्तार

NREP की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल: पत्थलगड़ा में ₹2.54 लाख की ढाई लाखिया सोलर लाइट बनी पहेली, एस्टीमेट को लेकर तकनीकी विशेषज्ञों ने खड़े किए कान

इग्नू केंद्र में 1 जून से शुरू होगी सत्रांत परीक्षा: 3000 परीक्षार्थी होंगे शामिल, कदाचार मुक्त परीक्षा के लिए जिला प्रशासन अलर्ट

Leave a Comment