राष्ट्रीय लोक अदालत का हुआ आयोजन, 1742 केसों का किया गया निष्पादन, 1,28,28,873 रूपए की हुई राजस्व प्राप्ति
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार नई दिल्ली एवं झालसा, रांची के निर्देशानुसार और पीडीजे सह अध्यक्ष डालसा लोहरदगा श्री राजकमल मिश्रा के मार्गदर्शन में 14 मार्च 2026 को वर्ष का प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार, लोहरदगा के सौजन्य से सिविल कोर्ट परिसर में किया गया। इसके पूर्व जमशेदपुर में झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष एवं झारखंड उच्च न्यायालय के वरिष्ठम न्यायाधीश श्री सुजीत नारायण प्रसाद ने राष्ट्रीय लोक अदालत का वर्चुअल उद्घाटन किया। वर्चुअल उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष श्री राजकमल मिश्रा सहित व्यवहार न्यायालय के सभी न्यायिक पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े। वहीं आंकड़ों की जानकारी देते हुए डालसा सचिव श्री राजेश कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए कुल छह बेचों का गठन किया गया था। बेंच संख्या एक में विद्युत संबंधी मामले डीजे प्रथम श्री स्वयंभू के नेतृत्व में, बेंच संख्या दो में पारिवारिक, एमएसीटी, क्रिमिनल अपील, सिविल अपील, मेट्रिमोनियल केसेज के मामले डीजे द्वितीय श्री नीरजा असरी के नेतृत्व में, बेंच संख्या तीन में क्रिमिनल कंपाउंडबल, माइंस एंड मिनरल्स, पुलिस एक्ट, एमवी एक्ट, एक्साइज़ केसेज आदि के मामले सीजेएम सह एसीजेएम श्री केके मिश्रा के नेतृत्व में, बेंच संख्या चार में सभी सिविल केसेस, ग्रामीण बैंक, इलाहाबाद बैंक, एसबीआई, यूनियन बैंक, बीएसएनएल, पंजाब नेशनल बैंक से संबंधित मामले एसडीजेएम श्री अमित कुमार के नेतृत्व में, बेंच संख्या पांच बैंक ऑफ इंडिया सहित अन्य बैंक से संबंधित मामले सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रथम श्रीमती जया स्मिता कुजूर के नेतृत्व में जबकि बेंच संख्या छह कंज्यूमर फोरम, म्युनिसिपल लॉ, लेबर लॉ, रेवेन्यू केसेज सहित अन्य मामले सदस्य कंज्यूमर फोरम मिस पूनम सुनीता बाडा के नेतृत्व में गठित किया गया था। वहीं आयोजन में कुल 1742 वादों का निष्पादन किया गया। साथ ही 1,28,28,873 रुपए का राजस्व प्राप्त हुई। वहीं निस्तारित किए गए वादों में कुल 201 वाद विभिन्न न्यायालयों में लंबित थे।



















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