करीब दो महीने पहले चोरी हुआ ब्रिज आखिरकार बरामद हो गया है। आरपीएफ और खुफिया टीम की संयुक्त कार्रवाई में तालाब से छिपाकर रखा गया यह ब्रिज बरामद किया गया और तीन आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
रोहतास। बिहार के रोहतास जिले में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। करीब दो महीने पहले कर्मनाशा स्टेशन से चोरी हुआ रेलवे का लोहे का ब्रिज बरामद कर लिया गया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।
यह कार्रवाई आरपीएफ सासाराम, भभुआ और केंद्रीय खुफिया शाखा डीडीयू की संयुक्त टीम ने की। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि चोरी किया गया लोहे का ब्रिज कर्मनाशा स्टेशन के पास एक तालाब में छिपाकर रखा गया है। जानकारी के अनुसार रेलवे की सीमेंट स्लीपर बदलने वाली मशीन की रेक से करीब तीन लाख रुपये से अधिक कीमत का लोहे का ब्रिज चोरी हो गया था। घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट सासाराम में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी और आरोपियों की तलाश की जा रही थी।
सूचना के आधार पर आरपीएफ और खुफिया टीम ने 10 और 11 मार्च की रात कर्मनाशा स्टेशन के उत्तर दिशा में स्थित नरमा गांव के पास घेराबंदी की। रात करीब 12:30 बजे तीन संदिग्ध व्यक्ति तालाब से भारी लोहे का ब्रिज निकालकर ले जाने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शशिकांत कुमार उर्फ खब्बी (26) और छोटू पासवान (30) निवासी नरमा, थाना दुर्गावती तथा उज्जवल कुमार (19) निवासी घटाव, थाना कुदरा, जिला कैमूर के रूप में हुई है।
पूछताछ में तीनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि करीब डेढ़ से दो महीने पहले उन्होंने रेलवे रेक से यह ब्रिज चोरी किया था और बाद में शक से बचने के लिए इसे तालाब में छिपा दिया था। आरपीएफ की टीम ने तालाब से लोहे का ब्रिज बरामद कर उसे जब्त कर लिया है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार जल्द ही उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा।





















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