रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ जिला अंतर्गत देश के प्रसिद्ध सिद्धपीठ रजरप्पा मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित मारपीट किए जाने का मामला सामने आने के बाद विवाद गहरा गया है। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अजय कुमार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार जैप जवानों और एक गृह रक्षक को निलंबित कर दिया है। प्रशासन की ओर से मंदिर परिसर में अन्य पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है और उन्हें निर्देश दिया गया है कि श्रद्धालुओं के साथ किसी भी प्रकार की बदसलूकी नहीं होनी चाहिए।
जानकारी के अनुसार, जमशेदपुर के आदित्यपुर निवासी सौरभ कुमार, सुमन कुमार और प्रेम कुमार अपने परिवार के साथ रविवार को मां छिन्नमस्तिके देवी की पूजा-अर्चना करने रजरप्पा मंदिर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि उस दिन मंदिर में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भीड़ अधिक होने के कारण ये श्रद्धालु निकासी द्वार से मंदिर में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
बताया जाता है कि देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और वहां मौजूद चार-पांच पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं के साथ मारपीट करने लगे। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने लाठी, थप्पड़ और घूंसे से श्रद्धालुओं की पिटाई कर दी। इस दौरान श्रद्धालु की पत्नी और मां उसे बचाने की कोशिश करती रहीं, लेकिन मारपीट जारी रही। बाद में मंदिर के पुजारियों और स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराया।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी हलचल
घटना का वीडियो किसी व्यक्ति द्वारा मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर लिया गया था, जो सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई। मामले की जानकारी मिलने के बाद सोमवार को रामगढ़ एसपी अजय कुमार स्वयं रजरप्पा मंदिर पहुंचे। उन्होंने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और वहां मौजूद पुजारियों, दुकानदारों तथा पुलिसकर्मियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
पुजारियों ने भी बताई अपनी बात
पूछताछ के दौरान मंदिर के पुजारियों ने बताया कि संबंधित श्रद्धालु यह आरोप लगा रहे थे कि उनसे पैसे लेने के बाद भी उन्हें मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा था। हालांकि पैसे किसने लिए और इस आरोप में कितनी सच्चाई है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
एसपी अजय कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि रविवार होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक थी। अनुमान के मुताबिक उस दिन लगभग 15 से 20 हजार श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि आदित्यपुर से आए कुछ लोग निकासी द्वार से जबरन प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे, जिसके कारण वहां तैनात पुलिसकर्मियों के साथ विवाद हो गया और स्थिति हाथापाई तक पहुंच गई।
मामले की जांच के बाद तत्काल प्रभाव से जैप जवान श्यामलाल महतो, राधेश्याम कुजूर, बहादुर उरांव, जॉनसन सुरीन और गृह रक्षक सिकंदर यादव को निलंबित कर दिया गया है। इस दौरान मौके पर मुख्यालय डीएसपी चंदन कुमार वत्स, चितरपुर सीओ दीपक मिंज, रजरप्पा थाना प्रभारी कृष्ण कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। घटना को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। प्रशासन ने मंदिर परिसर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल के साथ-साथ पुजारियों, दुकानदारों और स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की है।























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