चतरा। जिले के हंटरगंज प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित उच्च विद्यालय डाटम में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियां सामने आई हैं। यहां पहली कक्षा के मासूम बच्चे भीषण गर्मी और लू के बीच पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं, जबकि स्कूल में कमरे खाली होने का दावा ग्रामीण कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उच्च कक्षाओं के छात्रों को कमरों में बैठाया जा रहा है, जबकि छोटे बच्चों को तपती धूप में पढ़ाया जा रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि कोई बच्चा लू की चपेट में आ गया तो जिम्मेदारी कौन लेगा? मामले में ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि डीएमएफटी फंड से आई खेलकूद और संगीत सामग्री को बिना विद्यालय प्रबंधन समिति की जानकारी के यह कहकर वापस कर दिया गया कि स्कूल में जगह नहीं है। इससे पहले कंप्यूटर सेट भी इसी तरह लौटा दिया गया था, जिससे बच्चों को डिजिटल शिक्षा से वंचित होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने स्कूल प्रबंधन पर मनमानी करने, विद्यालय प्रबंधन समिति को अंधेरे में रखने और मध्याह्न भोजन (एमडीएम) में भी अनियमितता का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि तय मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है। इस संबंध में रसोइयों ने कहा कि उन्हें जो सामग्री मिलती है, वही बनाकर परोसी जाती है। आक्रोशित ग्रामीणों ने संबंधित प्रधानाध्यापक के स्थानांतरण की मांग करते हुए बेहतर शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की है। वहीं, इस संबंध में पूछे जाने पर प्रधानाध्यापक जुबैर खान ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। दूसरी ओर, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी किशोर कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में है और जांच की जाएगी। यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत को उजागर करता है, जहां अब भी बच्चे मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
पेड़ के नीचे पढ़ने को मजबूर नन्हे छात्र, स्कूल की व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, कमरे खाली फिर भी बाहर क्लास, खेल-कंप्यूटर सामग्री लौटाने का आरोप—जांच के आदेश

By newsscale
On: April 29, 2026 10:02 PM

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