खान सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप, डीजीएमएस ने कोर्ट में दर्ज कराया मामला
धनबाद। बीसीसीएल के कतरास क्षेत्र स्थित कांटा पहाड़ी मां अंबे आउटसोर्सिंग पैच में हुए भीषण भू-धंसान और सात लोगों की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस) ने लंबी जांच और वैज्ञानिक अध्ययन के बाद सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप में चार वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ धनबाद सीजीएम न्यायालय में 24 फरवरी को मुकदमा दर्ज कराया है। डीजीएमएस के निदेशक स्तर के अधिकारी ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की। मामले की जांच डीजीएमएस की तीन सदस्यीय टीम ने पूरी की है।
सितंबर 2025 में हुआ था भीषण हादसा
बताया जाता है कि 5 सितंबर 2025 को कतरास क्षेत्र में स्थित बीसीसीएल की परियोजना में अचानक भू-धंसान और लैंडस्लाइड हो गया था। इस दौरान कर्मचारियों को लेकर जा रही एक सर्विस वैन 400 फीट गहरी खदान में गिर गई, जिसमें सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। दुर्घटना के बाद करीब 26 घंटे तक बचाव अभियान चलाया गया, जिसके बाद सभी शव बरामद किए गए थे।
डीजीएमएस और विशेषज्ञों द्वारा किए गए वैज्ञानिक अध्ययन में पाया गया कि खनन कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी की गई थी। विशेष रूप से ओवरबर्डन (ओबी) यानी खनन से निकले मलबे के पहाड़ की ढलान तैयार करने में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया था। अध्ययन में यह भी सामने आया कि मलबे की ढलान सही कोण पर तैयार नहीं की गई, लगभग 25 मीटर बेंच खिसक गई, करीब 10 मीटर हाल रोड ढह गया, हाईवाल बेंच फेल्योर 20–25 मीटर क्षेत्र में हुआ।
बीआईटी सिंदरी ने भी दी तकनीकी रिपोर्ट
हादसे के कारणों की जांच के लिए बीआईटी सिंदरी के वैज्ञानिकों ने भी अध्ययन किया था। संस्थान की टीम ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कहा कि ओबी डंप तैयार करने में तकनीकी मानकों का उल्लंघन हुआ था, जिससे यह दुर्घटना हुई। बीसीसीएल प्रबंधन ने इस अध्ययन के लिए 12 लाख रुपये का भुगतान किया था।
इस हादसे में सर्विस वैन में सवार सात लोगों की जान चली गई, जिनमें गयासुर दास (चालक), अमन कुमार सिंह (मैकेनिक सुपरवाइजर), राहुल रवानी, रूपक महतो, स्वरूप गोप, अमित बगाल, एक अन्य व्यक्ति (जिसकी पहचान बाद में हुई)।
फिलहाल खदान में खनन बंद
हादसे के बाद डीजीएमएस के निर्देश पर खदान में खनन कार्य बंद है और फिलहाल केवल पानी निकासी का काम किया जा रहा है। अब बीसीसीएल प्रबंधन को सुरक्षा संबंधी सुधारों की विस्तृत रिपोर्ट डीजीएमएस को सौंपनी होगी। इसके बाद ही खदान में दोबारा खनन कार्य शुरू करने की अनुमति मिल सकती है।


















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