गिद्धौर (चतरा)। गिद्धौर प्रखंड क्षेत्र के बारीसाखी पंचायत भवन के समीप बुधवार को बाल विवाह रोकथाम को लेकर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम चतरा नालसा एवं झालसा के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव तारकेश्वर दास के निर्देशानुसार संपन्न हुआ। शिविर में ग्रामीणों को बताया गया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत भारत में बाल विवाह दंडनीय अपराध है। कानून के अनुसार 21 वर्ष से कम आयु के लड़के तथा 18 वर्ष से कम आयु की लड़की का विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है। बाल विवाह करना या उसे बढ़ावा देना गैर-जमानती अपराध है, जिसमें दो वर्ष तक की कठोर कैद, एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। अधिकार मित्र ने कहा कि बाल विवाह से लड़कियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ता है। इससे उन्हें हिंसा, शोषण और गरीबी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसी क्रम में उपायुक्त के निर्देश (ज्ञापन संख्या 279/24/2/2026) के आलोक में बारीसाखी एवं मझगवां पंचायत भवन में ग्रामसभा का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता मुखिया सरिता देवी एवं सुमीरा कुमारी ने की। इस दौरान सेविकाओं द्वारा उपस्थित लोगों को बाल विवाह न करने एवं न होने देने की शपथ दिलाई गई। मुखिया प्रतिनिधि दिनेश भारती ने भी बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए इसके दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में प्रसादी पासवान, सेविका शिवकुमार यादव, कर्मधारी रजक, रामाशीष यादव, नीरज कुमार पासवान, विनय ठाकुर, बद्री यादव सहित सेविका-सहायिका एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
बाल विवाह रोकथाम को लेकर जागरूकता शिविर व ग्रामसभा आयोजित

On: February 25, 2026 11:06 PM

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