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स्पा की आड़ में देह व्यापार का खेल! सायरांग एक्सप्रेस में नाबालिग की तस्करी नाकाम, प्रेमी जोड़ा गिरफ्तार

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मुंबई में नौकरी और बेहतर जिंदगी का सपना… लेकिन उस सपने के पीछे छिपा था तस्करी का खौफनाक जाल। उत्तर-पूर्व की एक नाबालिग लड़की को स्पा में काम दिलाने के बहाने देह व्यापार के दलदल में धकेलने की साजिश रची जा रही थी… लेकिन ट्रेन में हुई एक छापेमारी ने इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश कर दिया।

कोलकाता/कृष्णनगर। मुंबई के स्पा सेंटरों में नौकरी दिलाने के नाम पर उत्तर-पूर्वी भारत की लड़कियों को देह व्यापार में धकेलने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। कृष्णनगर जीआरपी (Government Railway Police) ने ‘सायरांग एक्सप्रेस’ में छापेमारी कर मिजोरम की एक नाबालिग को सुरक्षित बरामद किया और उसे ले जा रहे एक युवक-युवती को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नियानजेनजेम (युवती) और उसके प्रेमी लालसांग्लियाना के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों पहले मुंबई के एक स्पा सेंटर में कार्यरत थे। वहीं से उन्हें स्पा की आड़ में देह व्यापार के लिए कम उम्र की लड़कियों की मांग और मोटी रकम का लालच मिला। इसके बाद उन्होंने अपने ही राज्य की लड़कियों को झांसा देकर बाहर ले जाने की साजिश रचनी शुरू की।

रेलवे पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक नाबालिग को मिजोरम से कोलकाता लाकर आगे ‘गीतांजलि एक्सप्रेस’ से मुंबई (ठाणे) भेजा जाना है। 14 फरवरी को कृष्णनगर जीआरपी ने चलती ट्रेन में छापेमारी की। जांच के दौरान आरोपियों से किशोरी के वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे प्रस्तुत नहीं कर सके। कड़ाई से पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि 15,000 रुपये प्रतिमाह नौकरी का झांसा देकर उसे मुंबई के एक स्पा संचालक को सौंपने जा रहे थे। पुलिस के अनुसार, इस रैकेट के तार मिजोरम के अलावा उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना तथा बांग्लादेश तक जुड़े होने की आशंका है। बताया जा रहा है कि स्पा संचालक ही टिकट और अन्य खर्च का इंतजाम करता था। रेलवे पुलिस की विशेष टीम अब मुंबई रवाना हो रही है, ताकि गिरोह के मुख्य सरगना (स्पा मालिक) को गिरफ्तार किया जा सके।

महत्वपूर्ण: नाबालिग पीड़िता की पहचान कानूनन गोपनीय रखी गई है। मानव तस्करी और बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में पहचान उजागर करना दंडनीय अपराध है।

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