
इटखोरी (चतरा)। राजकीय इटखोरी महोत्सव के दूसरी शाम झारखंड के स्थानीय कलाकारों ने अपनी रंगारंग प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। पारंपरिक लोकगीत और नृत्य ने मंच पर क्षेत्रीय संस्कृति की जीवंत झलक पेश की, जिसे दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से सराहा। इसके बाद सुप्रसिद्ध गायक कैलाश खेर अपने बैंड कैलासा के साथ मंच पर पहुंचे। उन्होंने “तेरी दीवानी” और “सैयाँ” जैसे लोकप्रिय सूफी एवं भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। उनकी ऊर्जावान और भावपूर्ण गायकी से पूरा परिसर संगीतमय वातावरण में डूब गया। दर्शक देर रात तक झूमते रहे और मोबाइल फ्लैश लाइट जलाकर कलाकार का स्वागत किया। कैलाश खेर की प्रस्तुति ने महोत्सव को नई ऊंचाई प्रदान की और इसे यादगार बना दिया। वहीं, स्थानीय कलाकारों की भागीदारी ने महोत्सव की विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि को और सशक्त किया। ऐसे आयोजनों से न केवल स्थानीय संस्कृति को प्रोत्साहन मिलता है, बल्कि दर्शकों को भी एक अनोखा और अविस्मरणीय अनुभव प्राप्त होता है।






















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