
बच्चों को सिर्फ पाठ्यक्रम तक सीमित ना रखें, उनके करियर को गढ़ने का भी करें शिक्षक : डॉ ताराचंद
पीएमश्री विद्यालयों में उन्मुखीकरण कार्यशाला में बोले उपायुक्त
लोहरदगा
पीएमश्री विद्यालयों से जुड़े शिक्षकों, अभिभावकों, बाल संसद, विद्यालय प्रबंधन समिति के लिए आज नदिया प्लस टू मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय में आज उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन उपायुक्त डॉ ताराचंद द्वारा किया गया।
इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में पढ़नेवाले बच्चों की क्षमता किसी भी अन्य विद्यालयों में पढ़नेवाले बच्चों से कम नहीं हैं। उनके अंदर भी असीम प्रतिभा है। शिक्षक सरकारी विद्यालयों में पढ़नेवाले बच्चों को सिर्फ पाठ्यक्रम तक सीमित ना रखें बल्कि उनकी प्रतिभा को भी निखारें, करियर चयन में उनका मार्गदर्शन करें। वे भी आईआईटी-जेईई व नीट जैसी परीक्षाओं की तैयारी करें जिससे उनका चयन इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेजों में हो। सरकारी विद्यालयों में भी ऐसी कार्यशैली को अपनाये जाने की जरूरत है। आज निजी विद्यालयों से हमने सरकारी विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक बैठक को अपनाया है जिससे बच्चों में नया बदलाव आया है।
शिक्षकों की जिम्मेवारी अहम
उपायुक्त ने कहा कि माता-पिता के बाद शिक्षकों की जिम्मेवारी बच्चों के प्रति सबसे अहम हो जाती है। सरकारी विद्यालयों में आज आधारभूत संरचनाओं, पठन-पाठन की सुविधाओं में बहुत बदलाव आया है। लाइब्रेरी में पढ़ने की आदत बच्चों में डालने की बहुत आवश्यकता है। बच्चों को कुशल बनाने की जरूरत है। यहां के शिक्षक किसी अन्य राज्यों की तुलना में कम कुशल नहीं हैं, आवश्यकता है तो बस इच्छाशक्ति से बड़ा बदलाव लाने की। लोहरदगा जिला में आज भी ऐसे सुदूरवर्ती क्षेत्र है जहां के बच्चों को पढ़-लिख कर डॉक्टर व इंजीनियर बनने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है।
अन्य ने भी रखे अपने विचार
आज के कार्यक्रम में अपर समाहर्ता जितेंद्र मुण्डा, जिला शिक्षा पदाधिकारी दास सुनंदा चंद्रमौलेश्वर, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किये।
इस अवसर पर जिला के विभिन्न पीएमश्री विद्यालयों में शिक्षकगण समेत अन्य उपस्थित थे।




















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