
पांच वर्षों तक चली लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद बहुचर्चित ट्रिपल मर्डर मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। तीन लोगों की बेरहमी से हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा दी गई है। फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है, वहीं पूरे इलाके में यह निर्णय चर्चा का विषय बन गया है।
गुमला। बहुचर्चित ट्रिपल मर्डर केस में करीब पांच वर्ष बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिल गया है। गुमला जिला न्यायालय की एडीजे-वन अदालत ने आरोपी विपता उरांव को तीन हत्याओं का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह फैसला एडीजे-वन प्रेम शंकर की अदालत ने सुनाया।
घटना 25 सितंबर 2021 की रात करीब आठ बजे की है। सिकंदर कुजूर को फोन पर सूचना मिली कि उसकी मौसी बसमनी देवी के घर में मारपीट हो रही है। जब वह मौके पर पहुंचा तो भयावह दृश्य सामने था।आरोपी विपता उरांव ने लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ हमला कर बसमनी देवी, सोमारी देवी (55 वर्ष) और बंधन उरांव (60 वर्ष) की बेरहमी से हत्या कर दी थी। घर के आंगन में खून से सना मंजर देख ग्रामीण स्तब्ध रह गए थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, आरोपी घटना के दौरान चिल्ला रहा था कि जब वह बाहर कमाने गया था, तब उसकी तबीयत खराब करने के लिए यही लोग जिम्मेदार थे। इसी रंजिश में उसने वारदात को अंजाम दिया।
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया और जांच के दौरान अहम साक्ष्य जुटाए। अदालत में लंबी सुनवाई चली। सरकार की ओर से अधिवक्ता अजय कुमार रजक ने गवाहों के बयान, चिकित्सीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की संलिप्तता साबित की। अदालत ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करते हुए आरोपी को दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार और ग्रामीणों में न्याय मिलने की भावना है, जबकि पूरे इलाके में यह निर्णय चर्चा का विषय बना हुआ है।



















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