
आधुनिकता और जागरूकता के दावों के बीच एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। कथित अंधविश्वास के चलते एक महिला और उसके मासूम बच्चे को जिंदा जला दिया गया। इस खौफनाक वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आत्मसमर्पण करने वाले आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
यह घटना पश्चिमी सिंहभूम जिला के कुमारडुंगी थाना क्षेत्र के एक सुदूर गांव की है। मंगलवार देर रात कथित तौर पर ‘डायन’ होने के संदेह में महिला और उसके बच्चे को घर में ही पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि महिला का पति गंभीर रूप से झुलस गया है और अस्पताल में उसका इलाज जारी है। उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
घटना का खुलासा तब हुआ जब वारदात में शामिल 12 ग्रामीण खुद थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने सभी को तत्काल हिरासत में ले लिया। रेफरल मुर्मू, डीएसपी चाईबासा ने मामले की पुष्टि करते हुए इसे अंधविश्वास का चरम बताया। पुलिस के अनुसार, गांव में कुछ दिनों से बीमारी और मवेशियों की मौत को लेकर अफवाहें फैल रही थीं। ग्रामीणों के एक समूह ने इसका ठीकरा महिला पर फोड़ते हुए उसे ‘डायन’ घोषित कर दिया। आधी रात को हथियार और पेट्रोल लेकर पहुंचे हमलावरों ने सो रहे परिवार पर हमला कर दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि मां और बच्चे को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
पुलिस ने हत्या, हत्या के प्रयास और डायन प्रतिषेध अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। चार मुख्य आरोपियों को औपचारिक रूप से हिरासत में लिया गया है, जबकि अन्य से पूछताछ जारी है। घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड की मदद से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
यह घटना एक बार फिर बताती है कि अंधविश्वास किस हद तक जानलेवा साबित हो सकता है। प्रशासन ने साफ किया है कि डायन प्रथा के नाम पर हिंसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
News Scale Live – भरोसे की पहचान




















Total Users : 811076
Total views : 2513610