
राजधानी में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को कथित रिश्वत के वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने वाले एक और संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। क्राइम ब्रांच ने इस तीसरे गैंग का खुलासा करते हुए महिला सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह पिछले तीन वर्षों में 100 से अधिक पुलिसकर्मियों से लाखों रुपये वसूल चुका है।
नई दिल्ली। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों का कथित रिश्वत लेते हुए वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले एक और गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस तीसरे गैंग का खुलासा करते हुए सरगना पूजा उर्फ स्नेहा मलिक (32) को गिरफ्तार किया है। उसके साथ समालखा निवासी सचिन (35) और सुल्तानपुरी के आमिर चौधरी उर्फ सिकंदर (33) को भी पकड़ा गया है।
3 साल से सक्रिय था गिरोह
डीसीपी (क्राइम) संजीव कुमार यादव के अनुसार, गिरोह पिछले तीन वर्षों से सक्रिय था और अब तक 100 से अधिक ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को ब्लैकमेल कर लाखों रुपये वसूल चुका है। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने शिकायत दी कि गैंग ने रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे 1.20 लाख रुपये वसूल लिए। एसीपी संजय नागपाल की देखरेख में इंस्पेक्टर अरुण सिंधू के नेतृत्व में गठित टीम ने जांच शुरू की।
ऐसे बनाते थे वीडियो
जांच में सामने आया कि सरगना पूजा अपने सहयोगियों के साथ दिल्ली आती थी। गैंग के सदस्य स्पाई कैमरों से सड़क पर ड्यूटी कर रहे ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के वीडियो बनाते थे। बाद में वीडियो को एडिट कर उसे रिश्वत लेने जैसा दर्शाया जाता था। इसके बाद आमिर चौधरी संबंधित अधिकारियों को वीडियो भेजने की धमकी देकर रकम वसूलता था। बताया गया कि पूजा ने अपनी पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग नंबरों का इस्तेमाल किया। पीड़ित पुलिसकर्मियों ने उसका चेहरा तक नहीं देखा था। वसूली के लिए गैंग की लड़कियों को भेजा जाता था, जिनके चेहरे ढके होते थे। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि इस पूरे सिंडिकेट के पीछे पूजा का पति, जो दिल्ली पुलिस में कॉन्स्टेबल है, कहीं शामिल तो नहीं है।
पहले भी पकड़े जा चुके हैं गिरोह
पुलिस के अनुसार, बीते एक दशक में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को ब्लैकमेल कर रकम ऐंठने वाले तीन गिरोहों के 15 सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है। भजनपुरा के राजकुमार उर्फ राजू मीणा गैंग पर मकोका लगाया गया है। वहीं, ट्रांसपोर्टरों को फर्जी स्टीकर बेचकर ब्लैकमेल करने वाले जीशान अली गैंग को भी दिसंबर 2025 में पकड़ा गया था। क्राइम ब्रांच अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है और मामले की जांच जारी है।



















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